नेपाल का भारत के साथ सीमा विवाद पर नया रुख, मध्यस्थता की आवश्यकता नहीं
बालेन शाह की बात पर नेपाल का यू-टर्न, सीमा विवाद सुलझाने पर कहा- किसी की मध्यस्थता की जरूरत नहीं
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Image: Jagran
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल ने कहा कि काठमांडू भारत के साथ सीमा विवाद को बिना किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के सुलझाना चाहता है। उन्होंने भारत-नेपाल संबंधों को पुराने बोझ से मुक्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
- 01नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल ने भारत के साथ सीमा विवाद को द्विपक्षीय तंत्र से सुलझाने की इच्छा जताई।
- 02खनल ने कहा कि सीमा विवाद पर चीन और ब्रिटेन की भूमिका का उल्लेख केवल ऐतिहासिक संदर्भ में था।
- 03उन्होंने भारत को एक उभरती वैश्विक महाशक्ति बताया और नेपाल के साथ सहयोग के लिए तत्परता व्यक्त की।
- 04खनल ने कहा कि सीमा बाधा नहीं, बल्कि पुल का काम करती है।
- 05उन्होंने कैलाश मानसरोवर यात्रा समझौते पर नेपाल की चिंता व्यक्त की।
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नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल ने हाल ही में कहा कि काठमांडू भारत के साथ सीमा विवाद को तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के बिना सुलझाना चाहता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों के बीच खुले दिल और आपसी सम्मान के साथ बातचीत से समस्याएं हल की जा सकती हैं। खनल ने कहा कि नई सरकार भारत-नेपाल संबंधों को पुराने बोझ का बंधक नहीं बनाना चाहती। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीमा विवाद पर चीन और ब्रिटेन की भूमिका का उल्लेख केवल ऐतिहासिक संदर्भ में था, न कि मध्यस्थता की मांग के रूप में। खनल ने भारत को एक तेजी से उभरती वैश्विक आर्थिक महाशक्ति बताते हुए कहा कि नेपाल इसके साथ अपनी आकांक्षाओं की ऊर्जा जोड़ना चाहता है। उन्होंने सीमा मुद्दे पर कहा कि सच्ची निर्भरता में सीमाएं बाधा नहीं, बल्कि पुल का काम करती हैं। इसके अलावा, खनल ने कैलाश मानसरोवर यात्रा समझौते पर नेपाल की चिंताओं को भी व्यक्त किया।
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नेपाल-भारत संबंधों में सुधार से क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक सहयोग बढ़ सकता है।
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