मुजफ्फरपुर में आभूषण कारोबार में 75% की गिरावट, टैक्स वृद्धि का असर
75% तक घटा आभूषण कारोबार, कई दुकानों में बोहनी तक नहीं, मुजफ्फरपुर में बढ़े टैक्स का असर
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मुजफ्फरपुर, बिहार में आभूषण कारोबार में 75% की गिरावट आई है, जो बढ़ते आयात शुल्क और सोने-चांदी की कीमतों में वृद्धि के कारण हुआ है। कई दुकानों में बिक्री नहीं हो रही है, जिससे स्थानीय कारीगर बेरोजगार हो रहे हैं। व्यापारियों ने टैक्स वृद्धि का विरोध करते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन का निर्णय लिया है।
- 01मुजफ्फरपुर में आभूषण कारोबार पिछले कुछ दिनों में 75% तक घट गया है।
- 02सोने-चांदी की कीमतों में वृद्धि और टैक्स में बढ़ोतरी के कारण ग्राहक खरीदारी नहीं कर रहे हैं।
- 03करीब 5000 कारीगर बेरोजगार हो गए हैं, जो सोने-चांदी के काम से जुड़े थे।
- 04व्यापारियों ने काली पट्टी लगाकर टैक्स वृद्धि के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का निर्णय लिया है।
- 05सराफा कारोबारियों की बैठक में टैक्स वापस लेने की मांग की गई है।
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मुजफ्फरपुर, बिहार में आभूषण कारोबार में 75% की गिरावट आई है, जो बढ़ते आयात शुल्क और सोने-चांदी की कीमतों में वृद्धि के कारण हो रहा है। व्यापारियों का कहना है कि पिछले चार दिनों से बाजार में सुस्ती बनी हुई है, जिससे कई दुकानों में बिक्री नहीं हो रही है। ग्राहकों की संख्या में कमी आई है, जिससे व्यापारियों को चिंता है। एक बड़े ज्वेलर्स के संचालक राज कुमार साहू ने बताया कि ग्राहक नए डिज़ाइन की ज्वेलरी देखने तक नहीं आ रहे हैं। इस स्थिति का सीधा असर लगभग 5000 कारीगरों पर पड़ा है, जो बेरोजगार हो गए हैं। व्यापारियों ने टैक्स वृद्धि का विरोध करते हुए काली पट्टी लगाकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। अखिल भारतीय सराफा संघ के महामंत्री मंजीत कुमार ने कहा कि सरकार से टैक्स वापस लेने की मांग की जाएगी। इस मुद्दे पर शहर के सर्राफा कारोबारियों की बैठक भी हुई, जिसमें सभी ने एकजुटता से अपनी बात रखी।
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आभूषण कारोबार में गिरावट से स्थानीय कारीगर बेरोजगार हो रहे हैं, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
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