सोनिया गांधी के फोन कॉल ने बदल दी केरल में कांग्रेस की सत्ता की दिशा
सोनिया गांधी का एक फोन कॉल और कट गया केसी वेणुगोपाल का पत्ता, वीडी सतीशन को मिल गई सत्ता
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कांग्रेस आलाकमान ने वी डी सतीशन को केरल का मुख्यमंत्री बनाने का निर्णय लिया, जबकि केसी वेणुगोपाल का समर्थन भी था। सोनिया गांधी के एक फोन कॉल ने इस निर्णय को निर्णायक दिशा दी, जिससे पार्टी को उपचुनाव के जोखिम से बचने में मदद मिली।
- 01सोनिया गांधी के फोन कॉल ने केरल में मुख्यमंत्री के चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- 02वी डी सतीशन को मुख्यमंत्री बनाने का निर्णय लिया गया, जबकि केसी वेणुगोपाल का भी समर्थन था।
- 03ए के ऐंटनी ने सतीशन के पक्ष में महत्वपूर्ण तर्क दिए।
- 04राहुल और प्रियंका गांधी ने केसी वेणुगोपाल को केंद्र में जिम्मेदारी निभाने के लिए राजी किया।
- 05सतीशन के नाम पर जनादेश अधिक स्पष्ट था, जिससे पार्टी को उपचुनाव के जोखिम से बचने में मदद मिली।
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केरल में कांग्रेस की सत्ता के लिए चल रही दौड़ में एक फोन कॉल ने महत्वपूर्ण मोड़ लिया। कांग्रेस आलाकमान ने वी डी सतीशन को मुख्यमंत्री बनाने का निर्णय लिया, जबकि केसी वेणुगोपाल का भी समर्थन था। सोनिया गांधी ने ए के ऐंटनी से सलाह ली, जिन्होंने सतीशन के पक्ष में तर्क दिए कि वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री बनाने पर उपचुनाव कराना पड़ सकता है, जो पार्टी के लिए जोखिम भरा हो सकता है। इसके बाद राहुल और प्रियंका गांधी ने केसी वेणुगोपाल को समझाया कि वे केंद्र में जिम्मेदारी निभाएं। अंततः, औपचारिक प्रक्रिया के तहत सतीशन को विधायक दल का नेता चुना गया। ए के ऐंटनी की भूमिका इस निर्णय में महत्वपूर्ण साबित हुई।
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इस निर्णय से कांग्रेस पार्टी के भीतर नेतृत्व में स्थिरता आएगी और उपचुनाव के जोखिम से बचा जा सकेगा।
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