योगी सरकार ने स्मारकों के संरक्षण पर खर्च किए 7.12 करोड़ रुपये
विरासत सहेज रही योगी सरकार, पिछले साल स्मारकों के संरक्षण पर खर्च हुए 7.12 करोड़ रुपये
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उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने पिछले वित्तीय वर्ष में स्मारकों और पुरास्थलों के संरक्षण पर 7.12 करोड़ रुपये खर्च किए। संस्कृति विभाग ने विभिन्न स्थलों पर संरक्षण कार्यों की योजना बनाई है, जिसमें सीतापुर, फतेहपुर, लखनऊ, संतकबीरनगर, महाराजगंज और कानपुर नगर शामिल हैं।
- 01स्मारकों के संरक्षण पर पिछले वित्तीय वर्ष में 7.12 करोड़ रुपये खर्च हुए।
- 02सीतापुर के शिव मंदिर पर 93.76 लाख रुपये का संरक्षण कार्य किया गया।
- 03फतेहपुर के तुलाराम तालाब पर 1.33 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
- 04लखनऊ के हुलासखेड़ा में 1.67 करोड़ रुपये का कार्य हुआ।
- 05संरक्षित स्थलों पर 18.31 लाख रुपये से सांस्कृतिक सूचना पट लगाए गए।
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उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने संस्कृति विभाग के अंतर्गत संरक्षित स्मारकों और पुरास्थलों के संरक्षण के लिए पिछले वित्तीय वर्ष में 7.12 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इस वित्तीय वर्ष में भी संरक्षण के लिए स्मारकों की सूची तैयार की जा रही है। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि सीतापुर के अलावलपुर में स्थित शिव मंदिर पर 93.76 लाख रुपये से संरक्षण और सुंदरीकरण कार्य किया गया है। इसके अलावा, फतेहपुर के तुलाराम तालाब और शिव मंदिर पर 1.33 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जिसमें तालाब की सीढ़ियों का जीर्णोद्धार भी शामिल है। लखनऊ के मोहनलालगंज में हुलासखेड़ा पुरास्थल पर 1.67 करोड़ रुपये, संतकबीरनगर में कबीरदास की समाधि पर 16.78 लाख रुपये, महाराजगंज में उत्खनन स्थल बनरसिहा कला पर 1.46 करोड़ रुपये और कानपुर नगर में टिकैत राय शिव मंदिर बिठूर पर 78.96 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। इसके साथ ही, महत्वपूर्ण संरक्षित स्मारक स्थलों पर 18.31 लाख रुपये से सांस्कृतिक सूचना पट भी लगाए गए हैं।
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यह संरक्षण कार्य स्थानीय सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने में मदद करेगा और पर्यटन को बढ़ावा देगा।
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