केजीएमयू में लेजर तकनीक से दिल की धमनियों के ब्लॉक खोले जा रहे हैं
Lucknow News: केजीएमयू में लेजर की सहायता से खोल दिए दिल के ब्लॉक
Amar Ujala
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किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), लखनऊ में लेजर तकनीक का उपयोग करके दिल की धमनियों के ब्लॉक खोले जा रहे हैं। इस प्रक्रिया के लिए पांच करोड़ रुपये की लागत से नई मशीन स्थापित की गई है, जिससे अब तक पांच मरीजों का सफल उपचार किया गया है।
- 01केजीएमयू में लेजर तकनीक से दिल की धमनियों के ब्लॉक खोले जा रहे हैं।
- 02नई मशीन की लागत लगभग ₹5 करोड़ है।
- 03इस प्रक्रिया से पारंपरिक बाईपास सर्जरी को टाला जा सकता है।
- 04फिलहाल इस उपचार के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है।
- 05यह तकनीक जटिल मामलों में भी मददगार साबित होगी।
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लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में अब लेजर तकनीक का उपयोग करके दिल की धमनियों के ब्लॉक खोले जा रहे हैं। इसके लिए ₹5 करोड़ की लागत से एक नई मशीन स्थापित की गई है, जिससे अब तक पांच मरीजों का सफल उपचार किया गया है। कार्डियोलॉजी विभाग के प्रवक्ता डॉ. अक्षय प्रधान के अनुसार, यह मशीन उन मरीजों के लिए सहायक होगी, जिन्हें पारंपरिक उपचार विधियों से लाभ नहीं मिला है। लेजर तकनीक जमे हुए कैल्शियम को नरम कर देती है, जिससे ब्लॉक को खोलना संभव होता है। यह प्रक्रिया पूरी तरह से सुरक्षित है और इससे पारंपरिक बाईपास सर्जरी को टाला जा सकता है। केजीएमयू की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने बताया कि यह मशीन राज्य सरकार से मिले अनुदान से खरीदी गई है, इसलिए फिलहाल इसका कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। एक वर्ष के बाद मेंटेनेंस के लिए शुल्क तय किया जाएगा। यह नई तकनीक उन मरीजों के लिए आशा की किरण है, जिन्हें पहले ही कई उपचार मिल चुके हैं।
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यह नई लेजर तकनीक दिल के रोगियों को बेहतर और सुरक्षित उपचार प्रदान करेगी, विशेषकर उन मरीजों के लिए जो पारंपरिक उपचार से लाभ नहीं उठा पाए हैं।
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