झारखंड शराब घोटाले में अग्रिम जमानत याचिका खारिज, एसीबी को जवाब देने का निर्देश
झारखंड शराब घोटाला: अरुण पति त्रिपाठी और अरविंद सिंह को नहीं मिली अग्रिम जमानत, एसीबी से मांगा जवाब
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झारखंड हाई कोर्ट ने शराब घोटाले के आरोपित अरुण पति त्रिपाठी और अरविंद सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने एसीबी से मामले में तीन सप्ताह में जवाब देने को कहा है, जबकि अमित प्रभाकर सालुंके की याचिका पर सुनवाई जारी है।
- 01झारखंड हाई कोर्ट ने अरुण पति त्रिपाठी और अरविंद सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की।
- 02अमित प्रभाकर सालुंके की याचिका पर एसीबी को तीन सप्ताह में जवाब देने का निर्देश दिया गया।
- 03अरुण पति त्रिपाठी झारखंड सरकार की उत्पाद नीति के पूर्व सलाहकार रहे हैं।
- 04सालुंके को पहले क्लीन चिट मिल चुकी थी, फिर भी उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
- 05जांच में त्रिपाठी की संलिप्तता सामने आई है, जो नई शराब नीति बनाने में शामिल थे।
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झारखंड हाई कोर्ट ने शराब घोटाले में आरोपित अरुण पति त्रिपाठी और अरविंद सिंह की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की अदालत ने एसीबी को निर्देश दिया है कि वह तीन सप्ताह के भीतर मामले में जवाब पेश करे। अरुण पति त्रिपाठी, जो राज्य सरकार की उत्पाद नीति के सलाहकार रह चुके हैं, पर आरोप है कि उन्होंने छत्तीसगढ़ की प्लेसमेंट एजेंसियों को झारखंड में प्रवेश दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दूसरी ओर, अमित प्रभाकर सालुंके ने अदालत में कहा कि उन्हें पहले ही विजिलेंस द्वारा क्लीन चिट दी जा चुकी है, फिर भी एसीबी उनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है। सालुंके के मामले में सुनवाई जारी है।
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इस निर्णय से झारखंड में शराब घोटाले की जांच में तेजी आएगी, जिससे राज्य के उत्पाद शुल्क संचालन में सुधार की संभावना है।
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