पंजाब ने शिक्षा में हासिल किया पहला स्थान, आम आदमी पार्टी की सरकार का योगदान
अकाली राज में 22, कांग्रेस राज में 27 वें स्थान पर...भगवंत मान सरकार में नंबर 1 बना पंजाब

Image: Zee News
पंजाब, जो कभी शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा हुआ था, अब नीति आयोग की रिपोर्ट में पहले स्थान पर है। आम आदमी पार्टी की सरकार ने शिक्षा में सुधार के लिए कई कदम उठाए हैं, जिससे सरकारी स्कूलों का स्तर ऊंचा हुआ है।
- 012016-17 में पंजाब शिक्षा में 22वें, 2018-19 में 26वें और 2020 में 27वें स्थान पर था।
- 02पंजाब ने स्कूली शिक्षा में 82% भाषा दक्षता और 78% गणित में अंक प्राप्त किए।
- 03राज्य में 118 अत्याधुनिक स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए गए हैं।
- 04पंजाब के 99.9% सरकारी स्कूलों में बिजली और 99% में कंप्यूटर उपलब्ध हैं।
- 05सरकारी स्कूलों के 786 छात्रों ने जेईई मेन और 1284 ने नीट जैसी परीक्षाएं पास की हैं।
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पंजाब के सरकारी स्कूलों की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिससे राज्य ने नीति आयोग की शिक्षा गुणवत्ता रिपोर्ट 2026 में पहला स्थान प्राप्त किया है। पहले, पंजाब शिक्षा में 22वें से 27वें स्थान तक गिर चुका था, लेकिन आम आदमी पार्टी की सरकार ने शिक्षा को प्राथमिकता देकर इसे बदल दिया। आज, पंजाब के सरकारी स्कूलों में 99.9% में बिजली और 80% से अधिक में स्मार्ट क्लासरूम हैं। बच्चों ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में भी सफलता हासिल की है, जो दर्शाता है कि सरकारी स्कूलों में भी प्रतिभा मौजूद है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षित करने और नए स्कूलों की स्थापना के माध्यम से शिक्षा को जन आंदोलन बना दिया है। यह परिवर्तन न केवल आंकड़ों में, बल्कि बच्चों के भविष्य में भी स्पष्ट है। पंजाब ने साबित किया है कि जब शिक्षा प्राथमिकता होती है, तो बदलाव संभव है।
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पंजाब के सरकारी स्कूलों में सुधार से बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल रही है, जिससे उनके भविष्य में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।
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