ईडी ने वेदांता समूह के खिलाफ तलाशी अभियान शुरू किया, अनिल अग्रवाल की जांच तेज
ईडी ने वेदांता समूह के खिलाफ चलाया तलाशी अभियान, अनिल अग्रवाल के खिलाफ जांच तेज

Image: Globalherald
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने वेदांता समूह के खिलाफ विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के उल्लंघन के मामले में तलाशी अभियान चलाया। अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाले समूह के कार्यालयों में छापेमारी की गई है, जिसमें रॉयल्टी और ब्रांड फीस के भुगतान में गड़बड़ी की जांच की जा रही है।
- 01ईडी ने 2 जून 2026 को वेदांता समूह के कई ठिकानों पर छापेमारी की।
- 02जांच का मुख्य कारण रॉयल्टी और ब्रांड फीस के भुगतान में कथित गड़बड़ियां हैं।
- 03वेदांता समूह प्राकृतिक संसाधनों और खनन में एक प्रमुख बहुराष्ट्रीय कंपनी है।
- 04छापेमारी के बाद वेदांता लिमिटेड के शेयरों में गिरावट आई।
- 05कंपनी हाल ही में अपने विभिन्न कारोबार को अलग-अलग कंपनियों में बांटने की योजना बना रही है।
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प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 2 जून 2026 को वेदांता समूह के खिलाफ एक महत्वपूर्ण तलाशी अभियान शुरू किया है। यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के उल्लंघन के मामले में की जा रही है। ईडी ने दिल्ली और मुंबई में कंपनी के कई कॉरपोरेट कार्यालयों पर छापेमारी की, जिसमें रॉयल्टी और ब्रांड फीस के भुगतान में गड़बड़ियों की जांच की जा रही है। वेदांता समूह, जो प्राकृतिक संसाधनों और खनन के क्षेत्र में एक प्रमुख बहुराष्ट्रीय कंपनी है, 1976 से सक्रिय है और इसमें जस्ता, एल्युमीनियम, तांबा, लौह अयस्क, इस्पात और प्राकृतिक गैस का उत्पादन शामिल है। छापेमारी की खबर के बाद, शेयर बाजार में वेदांता लिमिटेड के शेयरों में गिरावट देखी गई। यह कार्रवाई तब हो रही है जब कंपनी अपने विभिन्न कारोबार को छह स्वतंत्र कंपनियों में विभाजित करने की योजना बना रही है।
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वेदांता समूह के खिलाफ ईडी की कार्रवाई से कंपनी की बाजार स्थिति प्रभावित हो सकती है।
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