महाराष्ट्र सरकार की लाडकी बहिन योजना जारी, अपात्र महिलाओं से राशि नहीं ली जाएगी
बंद नहीं होगी लाडकी बहिन योजना, वापस नहीं ली जाएगी अपात्र महिलाओं को दी गई राशि

Image: Business Standard
महाराष्ट्र सरकार ने लाडकी बहिन योजना को बंद नहीं करने का निर्णय लिया है, जिसमें 1.70 करोड़ पात्र महिलाओं को लाभ मिलता रहेगा। हालांकि, 80 लाख लाभार्थियों को वेरिफिकेशन के दौरान हटाया गया है, लेकिन अपात्र महिलाओं से दी गई राशि वापस नहीं ली जाएगी।
- 01सरकार ने 1.70 करोड़ महिलाओं को योजना का लाभ जारी रखने की पुष्टि की है।
- 0280 लाख लाभार्थियों को वेरिफिकेशन में हटाया गया, जिनमें कई अपात्र पाए गए।
- 03मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपात्र महिलाओं से राशि वापस नहीं लेने का आश्वासन दिया।
- 04लगभग 10 लाख लाभार्थियों के मामले में पात्रता संबंधी गड़बड़ियां पाई गईं।
- 05विपक्ष ने योजना में अनियमितताओं को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की है।
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महाराष्ट्र सरकार ने अपनी प्रमुख लाडकी बहिन योजना को बंद नहीं करने का निर्णय लिया है, जिसमें 1.70 करोड़ पात्र महिलाओं को लाभ मिलता रहेगा। हाल ही में वेरिफिकेशन के दौरान लगभग 80 लाख लाभार्थियों के नाम हटाए गए, जिनमें कई अपात्र पाए गए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि अपात्र महिलाओं से दी गई राशि वापस नहीं ली जाएगी, जबकि जिन पुरुषों ने गलत तरीके से लाभ लिया है, उन्हें राशि लौटानी होगी। वेरिफिकेशन में 10 लाख अपात्र लाभार्थियों की पहचान हुई, जिनमें सरकारी कर्मचारियों के परिवारों की महिलाएं भी शामिल थीं। विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाया है कि वह फर्जी लाभार्थियों को 20 महीनों तक लाभ देती रही। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है और यह देश की सबसे बड़ी कल्याणकारी योजनाओं में से एक मानी जाती है।
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योजना के तहत 1.70 करोड़ महिलाओं को आर्थिक सहायता मिलती रहेगी, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार होगा।
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