जाकिया अहमद: माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली पहली अफगानी महिला
तालिबान के साये में बीता बचपन, भारत से है कनेक्शन, अब बनीं माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली पहली अफगानी महिला

Image: News 18 Hindi
31 वर्षीय जाकिया अहमद ने माउंट एवरेस्ट पर चढ़कर इतिहास रच दिया है, वह इस चोटी को फतह करने वाली पहली अफगान महिला बन गई हैं। उनका जीवन संघर्ष और प्रेरणा से भरा है, जो अफगानिस्तान की महिलाओं के लिए एक मिसाल है।
- 01जाकिया अहमद ने माउंट एवरेस्ट की चोटी 21 मई 2026 को फतह की, जो लगभग 8,849 मीटर ऊंची है।
- 02उनका बचपन अफगानिस्तान में संघर्ष और अस्थिरता के बीच बीता, जहां उन्होंने कई कठिनाइयों का सामना किया।
- 03जाकिया ने भारत में उच्च शिक्षा प्राप्त की और बाद में ऑस्ट्रेलिया में बस गईं।
- 04अपने छोटे भाई की याद में पर्वतारोहण शुरू किया और कई पहाड़ों पर चढ़ाई कर अनुभव हासिल किया।
- 05उनकी उपलब्धि अफगानिस्तान की महिलाओं और लड़कियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
Advertisement
In-Article Ad
31 वर्षीय जाकिया अहमद ने माउंट एवरेस्ट पर चढ़कर इतिहास रचते हुए पहली अफगान महिला बनने का गौरव हासिल किया है। उनका जीवन संघर्ष और दृढ़ता से भरा हुआ है। अफगानिस्तान में अपने बचपन के दौरान जाकिया ने कई कठिन परिस्थितियों का सामना किया, जिनमें एक बस हमले से बचना शामिल है। इसके बाद, उन्हें भारत में छात्रवृत्ति मिली, जहां उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त की। जाकिया ने अपने छोटे भाई की याद में पर्वतारोहण की शुरुआत की और कई पहाड़ों पर चढ़ाई करने के बाद, उन्होंने माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने का लक्ष्य तय किया। 21 मई 2026 को उन्होंने इस चोटी पर पहुंचकर अपने सपने को पूरा किया। जाकिया ने अपनी सफलता को अफगानिस्तान की महिलाओं को समर्पित किया है, यह दर्शाते हुए कि कठिनाइयों के बावजूद, लक्ष्य पर डटे रहने से सफलता अवश्य मिलती है।
Advertisement
In-Article Ad
जाकिया की सफलता अफगानिस्तान की महिलाओं और लड़कियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आप जाकिया अहमद की उपलब्धि से प्रेरित हैं?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।



