भारत और ओमान के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता, 1 जून से लागू
भारत और ओमान के बीच सबसे बड़ी इकोनॉमिक डील, 1 जून से क्या-क्या बदलेगा? जानिए आपको क्या होगा फायदा
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भारत और ओमान के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) 1 जून 2026 से लागू होगा, जिससे भारतीय उत्पादों को ओमान में शुल्क मुक्त पहुंच मिलेगी। इससे भारतीय निर्यातकों को फायदा होगा और व्यापार में तेजी आएगी। यह समझौता भारत की मिडिल ईस्ट रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
- 01CEPA के तहत भारत को ओमान के 98% उत्पादों पर शुल्क मुक्त पहुंच मिलेगी।
- 02भारतीय दवाओं और वाहनों पर 5% शुल्क खत्म होगा, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
- 03ओमान ने भारतीय पेशेवरों के लिए विशेष प्रावधान किए हैं, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
- 04भारत ने संवेदनशील क्षेत्रों जैसे डेयरी और मांस को इस समझौते से बाहर रखा है।
- 05ओमान में 7 लाख भारतीय रहते हैं और भारत को हर साल 2 अरब डॉलर की रेमिटेंस भेजते हैं।
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भारत और ओमान के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) 1 जून 2026 से लागू होगा, जो दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों में एक नया अध्याय खोलेगा। इस समझौते के तहत भारत को ओमान के 98% उत्पाद श्रेणियों में शुल्क मुक्त पहुंच मिलेगी, जिससे भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार होगा। भारत से ओमान भेजे जाने वाले लगभग 3.64 अरब डॉलर के सामान पर वर्तमान में 5% तक आयात शुल्क लगता है, जो खत्म हो जाएगा। इससे टेक्सटाइल, कृषि, ऑटोमोबाइल, और दवा जैसे क्षेत्रों को बड़ा लाभ होगा। इसके अलावा, ओमान ने भारतीय पेशेवरों के लिए विशेष प्रावधान किए हैं, जिससे अकाउंटिंग, इंजीनियरिंग, और आईटी जैसे क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। यह समझौता भारत की मिडिल ईस्ट रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, खासकर जब ओमान वैश्विक समुद्री व्यापार में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
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इस समझौते से भारतीय उत्पाद ओमान में सस्ते होंगे, जिससे भारतीय निर्यातकों को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी।
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