ईरान युद्ध का असर: घरेलू बजट पर महंगाई का बोझ बढ़ा
ईरान युद्ध ने बिगाड़ा बजट; LPG, दूध-दाल और खाने के तेल सहित अबतक इन चीजों की कितनी बढ़ गईं कीमतें
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ईरान में चल रहे संघर्ष के कारण भारत में खाद्य वस्तुओं की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं, जिससे दूध, दाल और खाने के तेल की कीमतें भी प्रभावित हुई हैं।
- 01वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 90-126 डॉलर तक पहुंच गई हैं।
- 02पेट्रोल की कीमतें 15 मई 2026 को ₹3 प्रति लीटर बढ़ीं।
- 03अमूल ने दूध की कीमतों में ₹1 से ₹3 तक की बढ़ोतरी की है।
- 04ग्राउंडनट सीड की कीमत मई 2025 में ₹52,500 थी, जो मई 2026 में ₹72,000 हो गई।
- 05दालों में उड़द दाल की कीमत में 1.56% और मसूर दाल की कीमत में 1.53% की बढ़ोतरी हुई है।
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ईरान में चल रहे युद्ध ने भारत में घरेलू बजट को प्रभावित किया है, जिससे खाद्य वस्तुओं की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। पिछले तीन महीनों में वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 90-126 डॉलर तक पहुंच गई हैं, जिसके कारण पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी बढ़ गई हैं। उदाहरण के लिए, 15 मई 2026 को पेट्रोल की कीमत में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई। दूध की कीमतें भी बढ़ी हैं, जिसमें अमूल ने अपने उत्पादों की कीमतों में ₹1 से ₹3 तक का इजाफा किया। खाने के तेलों की कीमतों में भी तेजी आई है, जैसे ग्राउंडनट सीड की कीमत मई 2025 में ₹52,500 थी, जो अब बढ़कर ₹72,000 हो गई है। दालों में भी मूल्य परिवर्तन देखने को मिल रहा है, जहाँ उड़द दाल और मसूर दाल की कीमतों में क्रमशः 1.56% और 1.53% की बढ़ोतरी हुई है।
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महंगाई ने आम लोगों के घरेलू बजट को प्रभावित किया है, जिससे खाद्य वस्तुओं की खरीदारी महंगी हो गई है।
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