भारत की पहली डिजिटल जनगणना 2027: 33 सवालों के जरिए होगी जानकारी एकत्रित
डिजिटल हुई जनगणना 2027: मकान से मोबाइल तक हर जानकारी होगी दर्ज, पूछे जाएंगे 33 सवाल
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भारत सरकार ने 2027 की जनगणना के लिए अधिसूचना जारी की है, जो पूरी तरह से डिजिटल होगी। नागरिक 1 से 15 मई 2026 के बीच अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। यदि कोई डेटा दर्ज नहीं कर पाता है, तो 16 मई से डोर-टू-डोर सर्वे किया जाएगा।
- 01जनगणना 2027 पूरी तरह से डिजिटल और टेक्नोलॉजी-फ्रेंडली होगी।
- 02नागरिकों को 1 से 15 मई 2026 के बीच ऑनलाइन डेटा दर्ज करने का अधिकार दिया गया है।
- 03डोर-टू-डोर सर्वे 16 मई से शुरू होगा।
- 04कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे, जिनमें परिवार की सामाजिक-आर्थिक स्थिति शामिल है।
- 05यह डेटा भारत के विकास के लिए महत्वपूर्ण आधारशिला बनेगा।
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भारत सरकार ने 2027 की जनगणना के लिए अधिसूचना जारी की है, जो ऐतिहासिक रूप से पूरी तरह से डिजिटल होगी। इस बार नागरिकों को अपनी जानकारी स्वयं दर्ज करने का अधिकार दिया गया है। 1 से 15 मई 2026 के बीच नागरिक एक विशेष पोर्टल के माध्यम से अपने परिवार का डेटा ऑनलाइन भर सकेंगे। यदि कोई इस अवधि में डेटा दर्ज नहीं कर पाता है, तो 16 मई से डोर-टू-डोर सर्वे शुरू किया जाएगा। इस सर्वे में सरकारी कर्मचारी घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे। जनगणना में कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे, जिनमें परिवार की सामाजिक-आर्थिक स्थिति, आवास की स्थिति और बुनियादी सुविधाओं की जानकारी शामिल होगी। यह डेटा भारत के विकास के लिए महत्वपूर्ण होगा और इसके आधार पर भविष्य की सरकारी योजनाएं बनाई जाएंगी। जमशेदपुर जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से इस प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की है।
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यह जनगणना डेटा सही तरीके से एकत्रित करने में मदद करेगी, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंच सकेगा।
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