बिजली विभाग के 20 हजार रिटायर्ड कर्मचारियों को नहीं मिल रहे बिल, समस्या का समाधान लंबित
स्मार्ट मीटर लगने के बावजूद बिजली विभाग के 20 हजार रिटायर्ड कर्मियों को नहीं मिल रहे बिल, दफ्तरों के काट रहे चक्कर
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उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग के लगभग 20,000 रिटायर्ड कर्मचारियों को स्मार्ट मीटर लगने के बावजूद बिजली बिल नहीं मिल रहे हैं। यह समस्या अगस्त 2025 से जारी है और कर्मचारियों को अधिकारियों के चेंबर में चक्कर काटने पड़ रहे हैं। मीटर नंबर की फीडिंग सिस्टम पर अपडेट न होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
- 01बिजली विभाग के 20,000 रिटायर्ड कर्मचारियों को बिल नहीं मिल रहे हैं।
- 02समस्या अगस्त 2025 से शुरू हुई थी।
- 03स्मार्ट मीटर लगने के बावजूद मीटर नंबर की फीडिंग नहीं हो रही है।
- 04कर्मचारी अधिकारियों के पास शिकायतें लेकर जा रहे हैं।
- 05समस्या पूरे प्रदेश में फैली हुई है।
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उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग के 20,000 रिटायर्ड कर्मचारियों को स्मार्ट मीटर लगने के बावजूद बिजली बिल नहीं मिल रहे हैं। यह समस्या अगस्त 2025 से शुरू हुई और अब तक बनी हुई है। कर्मचारियों का कहना है कि मीटर लगाने वाली एजेंसी के सॉफ्टवेयर इंजीनियर द्वारा मीटर नंबर की फीडिंग सिस्टम पर अपडेट नहीं हो पा रही है। इससे न केवल बिल नहीं बन रहे हैं, बल्कि कर्मचारियों को हर महीने अधिकारियों के चेंबर में चक्कर भी काटने पड़ रहे हैं। लखनऊ सहित प्रदेश के हर जिले में रिटायर्ड कर्मचारी इस समस्या का सामना कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, चंद्र प्रकाश और धीरज सिंह जैसे रिटायर्ड कर्मचारी कई महीनों से अपने बिल का इंतजार कर रहे हैं। इस स्थिति को लेकर विद्युत पेंशनर्स परिषद उत्तर प्रदेश के प्रमुख महासचिव कप्तान सिंह ने बताया कि संबंधित अभियंताओं को समय-समय पर अवगत कराया गया है, लेकिन समस्या का समाधान अभी तक नहीं हुआ है।
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इस समस्या के कारण रिटायर्ड कर्मचारियों को बिजली बिल का भुगतान करने में कठिनाई हो रही है, जिससे उनकी वित्तीय स्थिति प्रभावित हो रही है।
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