झारखंड कांग्रेस में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने 18 मई तक टाला विद्रोह
झारखंड कांग्रेस में 'डैमेज कंट्रोल', वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने 18 मई तक टाला अपना 'विद्रोह'
Jagran
Image: Jagran
झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने पार्टी के निर्णयों से नाराजगी के बावजूद 18 मई तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि वे पार्टी हित को प्राथमिकता देंगे और अपनी चिंताओं को आलाकमान के समक्ष रखेंगे।
- 01वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने 18 मई तक संयम बनाए रखने का निर्णय लिया।
- 02उन्होंने पार्टी के निर्णयों पर असंतोष व्यक्त किया लेकिन पार्टी हित को प्राथमिकता दी।
- 03धीरज साहू ने सार्वजनिक बयानबाजी से बचने की सलाह दी।
- 04कांग्रेस पार्टी दलितों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
- 05वित्त मंत्री ने पार्टी आलाकमान से संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया।
Advertisement
In-Article Ad
झारखंड कांग्रेस में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने पार्टी के निर्णयों से नाराजगी के बावजूद 18 मई तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि वे पार्टी हित को सर्वोपरि मानते हैं और अपनी चिंताओं को झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू के समक्ष रखेंगे। पूर्व सांसद धीरज साहू और मंत्री इरफान अंसारी ने भी इस दौरान सार्वजनिक बयानबाजी से बचने की सलाह दी, यह कहते हुए कि इससे भाजपा को राजनीतिक लाभ मिल सकता है। इरफान अंसारी ने कांग्रेस पार्टी की दलितों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करने की प्रतिबद्धता को दोहराया। राधाकृष्ण किशोर ने पार्टी के भीतर संवाद और समाधान की प्रक्रिया को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि संगठनात्मक मजबूती और सकारात्मक माहौल बना रहे।
Advertisement
In-Article Ad
इस घटनाक्रम से झारखंड कांग्रेस के भीतर संगठनात्मक एकता और संवाद को बढ़ावा मिलेगा, जिससे पार्टी की स्थिति मजबूत हो सकती है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आप मानते हैं कि कांग्रेस पार्टी को अपने आंतरिक मुद्दों का समाधान सार्वजनिक रूप से करना चाहिए?
Connecting to poll...
More about कांग्रेस पार्टी
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।






