पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की हार के बाद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ बढ़ती आवाज़ें
पश्चिम बंगाल में करारी हार के बाद टीएमसी में अभिषेक बनर्जी के ख़िलाफ़ उठने लगी आवाज़ें
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की करारी हार के बाद पार्टी के भीतर अभिषेक बनर्जी के खिलाफ नाराज़गी बढ़ रही है। कई नेता और कार्यकर्ता उन्हें पार्टी के पतन का जिम्मेदार मानते हैं, जबकि आई पैक कंसल्टेंसी की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
- 01टीएमसी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ नाराज़गी बढ़ी है।
- 02पार्टी के कई दिग्गज नेता चुनाव में बड़े अंतर से हार गए हैं।
- 03आई पैक कंसल्टेंसी की कार्यशैली पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
- 04कुछ नेताओं ने पार्टी से दूरी बनाने का ऐलान किया है।
- 05टीएमसी ने पार्टी विरोधी बयानों के लिए चार नेताओं को कारण बताओ नोटिस भेजा है।
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को मिली करारी हार के बाद पार्टी के भीतर अभिषेक बनर्जी (टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव) के खिलाफ नाराज़गी बढ़ रही है। कई नेताओं ने उन्हें पार्टी के पतन का जिम्मेदार ठहराया है। चुनाव परिणामों के बाद, पार्टी के कई दिग्गज नेता जैसे ममता बनर्जी और चंद्रिमा भट्टाचार्य अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में हार गए। पार्टी के भीतर कुछ नेताओं ने आई पैक (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी) की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं, जो चुनावी प्रबंधन में शामिल थी। पूर्व विधायक खगेश्वर रॉय ने कहा कि आई पैक के कर्मचारी ज़मीनी मुद्दों को समझने में नाकाम रहे। इसके अलावा, कई नेताओं ने पार्टी से दूरी बनाने का ऐलान किया है, जबकि टीएमसी ने पार्टी विरोधी बयानों के लिए चार नेताओं को कारण बताओ नोटिस भेजा है।
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टीएमसी की हार और पार्टी के भीतर उठ रही आवाज़ें राजनीतिक स्थिरता को प्रभावित कर सकती हैं।
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