ईंधन की कीमतों में वृद्धि: मिडिल क्लास पर बढ़ता बोझ और महंगाई का संकट
Fuel Price Hike: पेट्रोल से लेकर सीएनजी तक, महंगाई से मिडिल क्लास पर बढ़ रहा बोझ, कच्चे तेल ने कैसे खड़ा किया इतना बड़ा संकट?
Image: Nbt Navbharattimes
पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में हालिया वृद्धि ने मिडिल क्लास के लिए आर्थिक बोझ बढ़ा दिया है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, जो अब 104.24 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, भारत की तेल आयात निर्भरता को और भी चुनौतीपूर्ण बना रही हैं। आने वाले दिनों में और वृद्धि की संभावना है, जिससे महंगाई और बढ़ सकती है।
- 01इस महीने में ईंधन की कीमतों में तीन बार वृद्धि हुई है, जिसमें पेट्रोल और डीजल की कीमतें 90 पैसे प्रति लीटर और 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ी हैं।
- 02भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का लगभग 85% हिस्सा आयात करता है, जिससे वैश्विक बाजार की हलचल का सीधा असर देश पर पड़ता है।
- 03सरकारी तेल कंपनियों ने पिछले चार वर्षों में पहली बार अप्रैल 2022 में ईंधन की कीमतों में वृद्धि की थी।
- 04वेनेजुएला ने मई में भारत को 4,17,000 बैरल प्रति दिन कच्चे तेल की सप्लाई की, जो अप्रैल में 2,83,000 बैरल प्रति दिन थी।
- 05यदि होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहता है, तो वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं।
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नई दिल्ली में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में हालिया वृद्धि ने मिडिल क्लास के लिए आर्थिक बोझ बढ़ा दिया है। शनिवार को ईंधन की कीमतों में यह तीसरी बार वृद्धि हुई है, जिसमें पेट्रोल और डीजल की कीमतें क्रमशः 90 पैसे और 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ी हैं। जानकारों के अनुसार, कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतें, जो अब 104.24 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, भारत की तेल आयात निर्भरता को और चुनौतीपूर्ण बना रही हैं। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का लगभग 85% हिस्सा आयात करता है, जिससे वैश्विक बाजार की हलचल का सीधा असर देश पर पड़ता है। सरकारी तेल कंपनियों का कहना है कि वे पेट्रोल और डीजल पर प्रति लीटर 10 से 14 रुपये का घाटा सहन कर रही हैं। इसके अलावा, वेनेजुएला ने भारत को मई में 4,17,000 बैरल प्रति दिन कच्चे तेल की सप्लाई की, जो कि अप्रैल में 2,83,000 बैरल प्रति दिन थी। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहता है, तो वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं, जिससे महंगाई और बढ़ सकती है।
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ईंधन की कीमतों में वृद्धि से मिडिल क्लास पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है, जिससे महंगाई और बढ़ सकती है।
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