रानी मुखर्जी का पहला हीरो, पापा थे बॉलीवुड के खूंखार विलेन, जिनकी अमिताभ बच्चन ने की मदद, 8 फ्लॉप के बाद अब करते हैं ये काम
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रानी मुखर्जी बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेसेस में गिनी जाती हैं, जिन्होंने 90 के दशक में बॉलीवुड पर राज किया. उन्होंने 1996 में राजा की आएगी बारात फिल्म से बॉलीवुड में डेब्यू किया, जिसमें उनके अपोजिट बॉलीवुड के पॉपुलर खूंखार विलेन के बेटे नजर आए थे. हालांकि रानी मुखर्जी की तरह उस स्टारकिड का फिल्मी करियर नहीं चल पाया और 8 फिल्में फ्लॉप होने के बाद वह एक्टिंग की दुनिया छोड़कर अब राइटिंग और डायरेक्शन की दुनिया में अपना नाम कमा चुके हैं. नहीं पहचाना तो हम आपको बताते हैं कि यह एक्टर शादाब खान हैं, जिनके पिता सुपरस्टार अमजद खान हैं. उन्होंने हाल ही में अपने पिता के बारे में बात की और बताया कि अमिताभ बच्चन ने उनके पिता की मदद की थी. 8 फिल्मों का रहा शादाब खान का करियरपापा बॉलीवुड के सुपरस्टार थे. लेकिन शादाब खान का एक्टिंग करियर केवल 8 फिल्मों का रहा. उन्होंने 1985 में प्यारी भाभी से डेब्यू किया बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट. इसके बाद 1996 में उन्होंने राजा की आएगी बारात से एक यंग एक्टर के तौर पर डेब्यू किया. वहीं बेताबी (1997), हे राम, रेफ्यूजी (2000), भारत भाग्य विधाता (2002), हाइवे 203 (2007) और रोमियो अकबर वॉल्टर (2019 ) में वह सपोर्टिंग रोल में नजर आए. इसके अलावा टीवी शो स्कैम 1992 (2020) में वह 8 एपिसोड में नजर आए थे. वहीं अब वह राइटर और डायरेक्टर बन गए हैं. ये भी पढ़ें- इंजीनियरिंग का स्टूडेंट, बना बॉलीवुड का सुपरस्टार, वाइफ भी है टॉप एक्ट्रेस, बॉक्स ऑफिस पर दे रहे लगातार ब्लॉकबस्टरअमजद खान और अमिताभ बच्चन की थी दोस्तीअमिताभ बच्चन और अमजद खान ने कई फिल्मों में काम किया, जिसमें शोले, याराना, मुकद्दर का सिकंदर, नसीब और सत्ते पे सत्ता जैसी फिल्में शामिल हैं. वहीं फिल्मों में हीरो-विलेन की जोड़ी से ज्यादा सेट पर दोनों की दोस्ती के खूब चर्चे रहे. हालांकि 27 जुलाई 1992 में अमजद खान का 51 साल की उम्र में जब निधन हुआ तो अमिताभ बच्चन ही वो शख्स थे, जिन्होंने अमजद खान के परिवार का साथ दिया. इसके बारे में विक्की लालवानी को दिए इंटरव्यू में अमजद खान के बेटे शादाब खान ने बताया. गोवा में हुआ था भयानक एक्सीडेंट1992 में हार्ट अटैक से निधन से पहले 1976 में अमजद खान का एक गंभीर एक्सीडेंट हुआ था, जिसमें वह बाल बाल बचे. हालांकि उनकी पसलियां टूट गईं, फेफड़ा फट गया और वह काफी समय तक कोमा में भी रहे. इसके कारण अमजद खान ने हेवी डोज की दवाईयां भी लीं और उनका वजन बढ़ता चला गया. इस बारे में शादाब खान ने कहा, एक्सीडेंट गोवा में हुआ था. वो वहां ग्रेट गैंबलर नाम की फिल्म शूट कर रहे थे. मैं भी था. मां भी थी. सबको चोट आई. पापा तो लगभग मर ही गए थे. मां भी सीरियस थीं. मेरा कॉलर बोन टूट गया था. एक्सीडेंट के बारे में मैंने बच्चन साहब को बताया और उन्होंने मदद की. उन्होंने पूरी तरह से चार्ज अपने हाथ में लिया और स्थिति को संभाला. अमिताभ बच्चन ने की थी मददअमजद खान के निधन की रात का जिक्र करते हुए शादाब खान ने कहा, मैं घर आया और मां ने कहा कि जाकर देखो. पापा उठ नहीं रहे. मैं गया तो वह ठंडे थे. पापा को हार्ट आया था और डॉक्टरों ने इंजेक्शन लाने को कहा. मैं गाड़ी चलाकर इंजेक्शन लेकर आया. लेकिन मुझे कहा गया कि मैं कुछ सेकेंड लेट था. मैंने चीजें तोड़ दी. दीवार पर मुक्का मारा और पापा के दोस्त को भी धक्का दिया. 18 से 21 साल तक मेरा फेज बहुत मुश्किल था. ये भी पढ़ें- आर्मी कर्नल का बेटा बना भूल भुलैया का हीरो, फिल्मों आने के बाद नौकरानी के रेप केस में गया जेल, बर्बाद हुआ फिल्मी करियर
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