इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आचार्य नरेंद्र देव कृषि विवि के कुलपति की नियुक्ति को बहाल किया
आचार्य नरेंद्र देव कृषि विवि मामला: HC ने कुलपति की नियुक्ति रद करने को बताया मनमाना, बहाल किया चयन
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इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज के कुलपति डॉक्टर ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह की नियुक्ति को रद करने के आदेश को असंवैधानिक करार दिया। कोर्ट ने राज्य सरकार को उन्हें तुरंत कार्यभार ग्रहण करने का निर्देश दिया।
- 01डॉक्टर ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह की नियुक्ति को रद करने का आदेश मनमाना और असंवैधानिक पाया गया।
- 02कोर्ट ने कहा कि नियुक्ति पत्र में कार्यभार ग्रहण करने की कोई समय-सीमा नहीं थी।
- 03डॉक्टर सिंह ने कार्यमुक्त होने के लिए 31 मार्च 2026 तक का समय मांगा था।
- 04कोर्ट ने समान परिस्थितियों में अन्य कुलपतियों को अधिक समय देने की बात की।
- 0525 फरवरी और 3 मार्च 2026 के आदेशों को निरस्त कर डॉक्टर सिंह को कार्यभार ग्रहण करने का निर्देश दिया गया।
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इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज के कुलपति पद पर डॉक्टर ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह की नियुक्ति को रद करने के आदेश को असंवैधानिक करार दिया। न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की पीठ ने कहा कि नियुक्ति पत्र में कार्यभार ग्रहण करने की कोई समय-सीमा नहीं थी, इसलिए 15 दिनों के भीतर कार्यभार ग्रहण करने की शर्त लगाना उचित नहीं था। डॉक्टर सिंह ने 10 फरवरी 2026 को नियुक्ति पत्र प्राप्त किया और कार्यमुक्त होने के लिए 31 मार्च 2026 तक का समय मांगा था। कोर्ट ने यह भी कहा कि अन्य कुलपतियों को कार्यभार ग्रहण करने के लिए कई माह का समय दिया गया था, जबकि डॉक्टर सिंह के मामले में अलग रवैया अपनाया गया। इस आधार पर कोर्ट ने 25 फरवरी और 3 मार्च 2026 के आदेशों को निरस्त करते हुए डॉक्टर सिंह को कुलपति पद का कार्यभार ग्रहण करने का निर्देश दिया।
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डॉक्टर ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह की बहाली से विश्वविद्यालय प्रशासन में स्थिरता आएगी और कृषि विज्ञान के क्षेत्र में उनकी विशेषज्ञता का लाभ मिलेगा।
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