ट्विशा केस: सीबीआई जांच में पुलिस की लापरवाही के सबूत सामने आए
ट्विशा केस: फंदे की पहचान करने वाले का रिकॉर्ड तक नहीं मिला
Globalherald
Image: Globalherald
ट्विशा शर्मा के मामले में सीबीआई जांच में पुलिस की लापरवाही उजागर हुई है। मृतका की सास और पति को संदिग्ध माना जाना चाहिए था, लेकिन पुलिस ने लापरवाही दिखाई। महत्वपूर्ण सबूतों की पहचान और फॉरेंसिक जांच में खामियां सामने आई हैं।
- 01सीबीआई ने मामले में जांच के दौरान पुलिस की लापरवाही की ओर इशारा किया है।
- 02मृतका की सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह को पहले ही संदिग्ध माना जाना चाहिए था।
- 03फंदे की रस्सी की पहचान करने वाले का रिकॉर्ड नहीं मिला, जिससे जांच में बाधा आई।
- 04जांच के दौरान गोपनीय दस्तावेज आरोपियों तक पहुँच गए थे, जो कानूनी नियमों का उल्लंघन है।
- 05गिरिबाला सिंह की सुरक्षा को लेकर जेल प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरती है।
Advertisement
In-Article Ad
ट्विशा शर्मा के संदिग्ध मृत्यु मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच में पुलिस की लापरवाही के सबूत सामने आए हैं। जांच में यह पाया गया है कि मृतका की सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह को संदिग्ध माना जाना चाहिए था, लेकिन पुलिस ने समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की। 13 मई 2026 को फंदे की रस्सी की पहचान करने वाले व्यक्ति का रिकॉर्ड गायब है, जिससे जांच में रुकावट आई। इसके अतिरिक्त, महत्वपूर्ण सबूतों की जानकारी आरोपियों तक पहुंच गई थी, जो कानूनी नियमों का उल्लंघन है। सीबीआई ने मनोचिकित्सक से पूछताछ की है, जो ट्विशा का इलाज कर रहे थे, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उसकी मानसिक स्थिति को लेकर पेश किए गए मेडिकल दस्तावेज सही हैं। गिरिबाला सिंह और उनके बेटे को जेल में विशेष सुरक्षा प्रदान की गई है, क्योंकि गिरिबाला सिंह ने जिन अपराधियों को सजा सुनाई थी, वे अब उसी जेल में बंद हैं।
Advertisement
In-Article Ad
इस मामले की जांच से स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं, जिससे जनता में विश्वास की कमी हो सकती है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आप मानते हैं कि पुलिस को मामले में सही तरीके से कार्रवाई करनी चाहिए थी?
Connecting to poll...
More about केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।







