CBI की छापेमारी: 661 करोड़ रुपये के सरकारी फंड घोटाले की जांच में तेजी
661 करोड़ के सरकारी फंड घोटाले पर CBI का शिकंजा, हरियाणा-चंडीगढ़ से दिल्ली-NCR तक छापेमारी

Image: Zee News
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने 661 करोड़ रुपये के सरकारी फंड घोटाले की जांच के तहत हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली-एनसीआर में छापेमारी की। जांच में सरकारी धन के दुरुपयोग और बैंक खातों के माध्यम से धन के स्थानांतरण के आरोप शामिल हैं।
- 01CBI ने 6 जून 2026 को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली-एनसीआर में 661 करोड़ रुपये के सरकारी फंड घोटाले की जांच के तहत छापेमारी की।
- 02जांच में हरियाणा सरकार के आठ विभागों और चंडीगढ़ प्रशासन के दो विभागों में वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिले हैं।
- 03CBI ने Vipam Consultancy Pvt. Ltd. से जुड़े लोगों के परिसरों की भी जांच की, जहां धन के गलत तरीके से स्थानांतरण का संदेह है।
- 04घोटाले में शामिल सरकारी अधिकारियों और बैंक कर्मियों के बीच मिलीभगत की आशंका जताई गई है।
- 05CBI ने पहले ही पंचकूला की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें कई अधिकारियों की भूमिका का उल्लेख है।
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केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने 661 करोड़ रुपये के सरकारी फंड घोटाले की जांच को तेज करते हुए हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली-एनसीआर में कई स्थानों पर छापेमारी की है। 6 जून 2026 को CBI ने कुल छह परिसरों में तलाशी अभियान चलाया, जिसमें सरकारी धन के दुरुपयोग और विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से धन के स्थानांतरण के आरोप शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में हरियाणा सरकार के आठ विभागों और चंडीगढ़ प्रशासन के दो विभागों में वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। CBI को संदेह है कि सरकारी धन को बैंकिंग प्रणाली का उपयोग करके गलत तरीके से स्थानांतरित किया गया। जांच में Vipam Consultancy Pvt. Ltd. और उससे जुड़े लोगों के परिसरों की भी जांच की गई। CBI ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और संपत्ति संबंधी रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए हैं, जिससे धन के प्रवाह और अनियमितताओं की परतें खुलने की उम्मीद है। यह मामला हरियाणा विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो से स्थानांतरित किया गया था और CBI ने पहले ही पंचकूला की विशेष अदालत में अपनी पहली चार्जशीट दाखिल की है।
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इस घोटाले की जांच से सरकारी धन के दुरुपयोग की संभावना उजागर होती है, जो आम जनता के लिए चिंता का विषय है।
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