नेपाल ने लिपुलेख पर भारत से वार्ता की मांग की
लिपुलेख पर फिर 'रार': नेपाल ने लिपुलेख पर अपना दावा दोहराया, भारत से वार्ता की मांग
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नेपाल ने लिपुलेख क्षेत्र पर अपने दावे को दोहराते हुए भारत से वार्ता की मांग की है। भारत ने नेपाल की आपत्ति को खारिज करते हुए इसे एकतरफा बताया। नेपाल का कहना है कि यह क्षेत्र उसके अधिकार में है और इसे कूटनीतिक बातचीत से सुलझाया जाना चाहिए।
- 01नेपाल ने लिपुलेख पर अपना दावा दोहराया है।
- 02भारत ने नेपाल की आपत्ति को खारिज किया है।
- 03नेपाल का कहना है कि यह क्षेत्र उसके अधिकार में है।
- 04नेपाल ने वार्ता के माध्यम से मुद्दे को सुलझाने की पैरवी की है।
- 05नेपाल सरकार का रुख स्पष्ट है और वह अपने दावे पर कायम है।
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नेपाल ने लिपुलेख क्षेत्र पर अपने दावे को दोहराते हुए भारत से वार्ता की मांग की है। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने रविवार को एक बयान जारी किया जिसमें लिपुलेख दर्रे के रास्ते कैलास मानसरोवर यात्रा के लिए भारत और चीन की तैयारियों पर आपत्ति जताई गई थी। भारत ने इस आपत्ति को सख्ती से खारिज करते हुए इसे एकतरफा मनमाना विस्तार बताया। नेपाल सरकार के प्रवक्ता सस्मित पोखारेल ने कहा कि नेपाल का अपनी सीमा बढ़ाने का कोई इरादा नहीं है और यह क्षेत्र नेपाल का है। उन्होंने इस मुद्दे को दोनों देशों के बीच सहयोग और कूटनीतिक बातचीत के माध्यम से सुलझाने की बात की।
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यह विवाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों को प्रभावित कर सकता है और सीमा विवाद को बढ़ा सकता है।
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