सुप्रीम कोर्ट में ईडी और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच तीखी बहस
SC में ईडी-बंगाल सरकार में तीखी बहस, सॉलिसिटर जनरल बोले- 'सूबे में कानून का राज पूरी तरह फेल'
Aaj Tak
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सुप्रीम कोर्ट में I-PAC रेड मामले की सुनवाई के दौरान ईडी और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच तीखी बहस हुई। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने राज्य में कानून के शासन की अनुपस्थिति का आरोप लगाया, जबकि सीनियर अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी ने अदालती कार्यवाही के राजनीतिक इस्तेमाल पर आपत्ति जताई।
- 01सुप्रीम कोर्ट में ईडी और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच कानूनी बहस हुई।
- 02सॉलिसिटर जनरल ने राज्य में कानून के शासन की अनुपस्थिति का आरोप लगाया।
- 03सीएम ममता बनर्जी पर छापेमारी के दौरान जांच में हस्तक्षेप का आरोप।
- 04ईडी ने स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की।
- 05I-PAC के डायरेक्टर ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत याचिका दाखिल की।
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सुप्रीम कोर्ट में I-PAC रेड मामले की सुनवाई के दौरान ईडी और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच तीखी बहस हुई। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में 'कानून के शासन' की अनुपस्थिति है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईडी की छापेमारी के दौरान जांच में हस्तक्षेप किया। मेहता ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के साथ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी से यह स्पष्ट होता है कि जांच को प्रभावित करने का प्रयास किया गया। उन्होंने मांग की कि इस मामले की जांच सीबीआई जैसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए। दूसरी ओर, सीनियर अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी ने अदालती कार्यवाही के राजनीतिक इस्तेमाल पर आपत्ति जताई। इस बीच, I-PAC के डायरेक्टर विनेश चंदेल ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत याचिका दाखिल की है।
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यह सुनवाई पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल और कानून व्यवस्था पर गहरा प्रभाव डाल सकती है।
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