कोलकाता के डीसीपी शांतनु सिन्हा विश्वास का रहस्य गहराया, ईडी की नोटिस के बावजूद अनुपस्थित
नोटिस के बावजूद ईडी कार्यालय नहीं पहुंचे कोलकाता के डीसीपी, ठिकाने को लेकर बढ़ा रहस्य
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कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिन्हा विश्वास ईडी की नोटिस के बावजूद कार्यालय नहीं पहुंचे, जिससे उनके ठिकाने को लेकर रहस्य बढ़ गया है। ईडी ने धन शोधन मामले में उनके आवास पर छापेमारी की थी, और उनके लापता होने की चर्चा तेज हो गई है।
- 01डीसीपी शांतनु सिन्हा विश्वास ईडी की नोटिस के बावजूद अनुपस्थित रहे।
- 02ईडी ने धन शोधन मामले में उनके आवास पर छापेमारी की।
- 03उनके पुत्रों के बीच छापेमारी के समय उनके घर पर होने को लेकर विरोधाभासी बयान हैं।
- 04शांतनु के कुख्यात अपराधी सोना पप्पू से संभावित संबंधों के संकेत मिले हैं।
- 05शांतनु मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी माने जाते हैं।
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कोलकाता के डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिन्हा विश्वास के ठिकाने को लेकर रहस्य गहराता जा रहा है। ईडी ने धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के एक मामले की जांच के तहत रविवार को उनके बालीगंज स्थित आवास पर छापेमारी की, लेकिन वह सोमवार शाम तक साल्टलेक स्थित सीजीओ काम्प्लेक्स के कार्यालय में पेश नहीं हुए। उनके लापता होने की चर्चा तेज हो गई है। छापेमारी के दौरान उनके पुत्र सायंतन और मनीष को पूछताछ के लिए तलब किया गया, लेकिन उनके घर पर होने को लेकर विरोधाभासी दावे सामने आए हैं। सायंतन का कहना है कि उनके पिता घर पर थे, जबकि ईडी के सूत्रों का दावा है कि वह वहां मौजूद नहीं थे। ईडी ने इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। सूत्रों के अनुसार, ईडी को शांतनु के कुख्यात अपराधी सोना पप्पू और व्यवसायी जय एस कामदार के साथ संभावित संबंधों के संकेत मिले हैं। शांतनु पहले कालीघाट थाने के प्रभारी रह चुके हैं और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी माने जाते हैं।
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इस मामले से कोलकाता पुलिस की छवि पर असर पड़ सकता है और स्थानीय नागरिकों में सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ सकती हैं।
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