मारुति और ह्युंडै का यात्री वाहन निर्यात में 70% से ज्यादा हिस्सा
यात्री वाहन निर्यात में मारुति-ह्युंडै का दबदबा, 70% से ज्यादा हिस्सेदारी
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भारत में वित्त वर्ष 26 में यात्री वाहनों के निर्यात में मारुति सुजूकी इंडिया और ह्युंडै मोटर इंडिया की संयुक्त हिस्सेदारी 70.03% रही। इन कंपनियों के निर्यात में वृद्धि ने कुल निर्यात को 15% बढ़ाने में मदद की, जबकि देसी कंपनियों की हिस्सेदारी मात्र 3.2% रही।
- 01मारुति और ह्युंडै का संयुक्त निर्यात हिस्सा 70.03% है।
- 02वित्त वर्ष 26 में कुल यात्री वाहन निर्यात में 15% की वृद्धि हुई।
- 03टाटा मोटर्स और महिंद्रा की हिस्सेदारी केवल 3.2% रही।
- 04होंडा और फोक्सवैगन ने निर्यात में कमी दर्ज की।
- 05मारुति के प्रमुख निर्यात मॉडल में ब्रेजा और बलेनो शामिल हैं।
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भारत में यात्री वाहनों के निर्यात में वित्त वर्ष 26 में मारुति सुजूकी इंडिया और ह्युंडै मोटर इंडिया का संयुक्त हिस्सा 70.03% रहा, जो वित्त वर्ष 25 के 64.05% से अधिक है। इन दोनों कंपनियों के निर्यात में वृद्धि के कारण कुल यात्री वाहन निर्यात में 15% की वृद्धि हुई। यदि तीसरी सबसे बड़ी निर्यातक कंपनी निसान इंडिया को भी शामिल किया जाए, तो इन तीनों कंपनियों का हिस्सा 80% तक पहुंच जाता है। इसके विपरीत, देसी कंपनियों टाटा मोटर्स और महिंद्रा ऐंड महिंद्रा की हिस्सेदारी केवल 3.2% रही, जिसमें उन्होंने मिलकर 29,072 वाहनों का निर्यात किया। इस वित्त वर्ष में, मारुति ने 34.4% की वृद्धि के साथ 4,43,825 वाहनों का निर्यात किया, जबकि ह्युंडै का निर्यात 16.36% बढ़कर 1,90,725 तक पहुंच गया। हालांकि, होंडा और फोक्सवैगन जैसी कंपनियों ने निर्यात में कमी दर्ज की, जिससे बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है।
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इस निर्यात वृद्धि से भारत में ऑटोमोबाइल उद्योग को मजबूती मिल रही है, जिससे स्थानीय रोजगार और उत्पादन में वृद्धि हो सकती है।
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