सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में SIR प्रक्रिया को वैध ठहराया
SIR पर मुहर, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- चुनाव आयोग का ये अधिकार है, प्रक्रिया में कोई खामी नहीं
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सुप्रीम कोर्ट ने भारत निर्वाचन आयोग द्वारा बिहार में शुरू किए गए 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) को वैध माना है। कोर्ट ने कहा कि SIR प्रक्रिया कानूनी है और इसे रद्द नहीं किया जा सकता।
- 01सुप्रीम कोर्ट ने SIR प्रक्रिया को संवैधानिक और वैध बताया।
- 02कोर्ट ने कहा कि निर्वाचन आयोग को विशेष पुनरीक्षण का अधिकार है।
- 03यह फैसला चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने दिया।
- 04कोर्ट ने कहा कि SIR को आम रिवीजन से अलग मानना गलत है।
- 05बिहार में मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण को चुनौती देने वाली याचिकाएं खारिज की गईं।
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सुप्रीम कोर्ट ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा बिहार में लागू किए गए 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) को वैध ठहराया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि SIR प्रक्रिया को केवल इस आधार पर गैर-कानूनी नहीं ठहराया जा सकता कि यह सामान्य वोटर लिस्ट रिवीजन से भिन्न है। कोर्ट ने इसे संवैधानिक प्रक्रिया माना और कहा कि निर्वाचन आयोग को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का अधिकार है। यह निर्णय उन याचिकाओं पर आया जो SIR प्रक्रिया को चुनौती दे रही थीं।
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इस फैसले से बिहार में चुनावी प्रक्रिया में सुधार होगा।
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