झारखंड में JTET भाषा विवाद: समिति में शामिल हुए नए मंत्री, 3 जून को होगी महत्वपूर्ण बैठक
JTET भाषा विवाद: सुलझाव के लिए समिति में शामिल हुए दो नए मंत्री, 3 जून को होगी अहम बैठक

Image: Zee News
झारखंड में JTET परीक्षा में भोजपुरी, मगही और अंगिका भाषाओं को शामिल करने के लिए एक समिति का गठन किया गया है। समिति में दो नए मंत्री शामिल हुए हैं और अगली बैठक 3 जून को होगी। इस बैठक में भाषाओं की जिला-वार सूची पर विचार किया जाएगा।
- 01JTET परीक्षा में भोजपुरी, मगही और अंगिका भाषाओं को शामिल करने के लिए 5 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।
- 02समिति में मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की और हाफिजुल हसन को शामिल किया गया है, जिससे सदस्यों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है।
- 033 जून को होने वाली बैठक में भाषाओं की जिला-वार सूची पर चर्चा की जाएगी।
- 04वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि भाषा के मुद्दे पर अलग-अलग दृष्टिकोण हैं।
- 05कांग्रेस पार्टी ने भी इन भाषाओं को शामिल करने की मांग की है, यह कहते हुए कि भाषा सांस्कृतिक धरोहर है।
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झारखंड में JTET परीक्षा में भोजपुरी, मगही और अंगिका भाषाओं को शामिल करने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर एक समिति बनाई गई है। इस समिति में पहले से मौजूद पांच सदस्यों के साथ दो नए मंत्री, शिल्पी नेहा तिर्की और हाफिजुल हसन, शामिल हुए हैं। अब समिति की कुल सदस्य संख्या सात हो गई है। अगली महत्वपूर्ण बैठक 3 जून को निर्धारित की गई है, जिसमें भाषाओं की जिला-वार सूची में भोजपुरी, अंगिका और मगही को शामिल करने पर विचार किया जाएगा। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि इस मुद्दे पर विभिन्न दृष्टिकोण हैं। झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय और कांग्रेस प्रदेश महासचिव आलोक दुबे ने भी इस मामले में अपनी राय रखी है, जिसमें सभी भाषाओं को मान्यता देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
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इस निर्णय से झारखंड के छात्रों को अपनी मातृभाषा में परीक्षा देने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी शिक्षा में सुधार होगा।
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