बिहार में 'हर घर नल का जल' योजना के लिए 3601 करोड़ रुपये की मंजूरी
बिहार में 'हर घर नल का जल' के लिए 3601 करोड़ मंजूर, अगले 5 साल तक पीएचईडी संभालेगी 29,933 योजनाओं की कमान
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बिहार में 'हर घर नल का जल' योजना के तहत 29,933 योजनाओं के संचालन और रखरखाव के लिए 3601 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) इस राशि का प्रबंधन अगले 5 वर्षों तक करेगा। यह योजना भूजल गुणवत्ता सुधारने में मदद करेगी।
- 01बिहार में 29,933 जल योजनाओं के लिए 3601 करोड़ रुपये की मंजूरी
- 02लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) अगले 5 वर्षों तक देखरेख करेगा
- 03इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) तकनीक का उपयोग किया जाएगा
- 041133 योजनाएं पाइप जलापूर्ति वाली हैं
- 0520,730 वार्ड गुणवत्ता प्रभावित हैं
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बिहार में मुख्यमंत्री पेयजल निश्चय योजना के तहत 29,933 योजनाओं के संचालन और रखरखाव के लिए 3601 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है। यह राशि लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) द्वारा अगले 5 वर्षों तक प्रबंधित की जाएगी। इस योजना में इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे प्रत्येक योजना पर 50,000 रुपये खर्च होगा। वर्तमान में, 20,730 वार्ड ऐसे हैं जिनका भूजल गुणवत्ता प्रभावित है, जिसमें आयरन, आर्सेनिक, और फ्लोराइड की मात्रा मानक से अधिक है। इस योजना का उद्देश्य जल की गुणवत्ता में सुधार करना और नागरिकों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है।
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यह योजना बिहार के नागरिकों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में मदद करेगी, जिससे उनकी स्वास्थ्य स्थिति में सुधार होगा।
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