उज्जैन की ज्योति परमार: 24 साल बाद फिर से छात्रा बनीं मां
दिन में नौकरी, रात में पढ़ाई... बेटे के सपनों के लिए 24 साल बाद फिर स्टूडेंट बनी मां, साथ में दी 12वीं की परीक्षा
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उज्जैन की 39 वर्षीय ज्योति परमार ने अपने पति के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी संभालते हुए 24 साल बाद 12वीं कक्षा की परीक्षा दी। अपने बेटे कृष्णा को प्रोत्साहित करने के लिए उन्होंने अपनी पढ़ाई फिर से शुरू की और जीव विज्ञान विषय चुना। उनकी संघर्षपूर्ण कहानी हर मां के साहस को दर्शाती है।
- 01ज्योति परमार ने 24 साल बाद 12वीं कक्षा की परीक्षा दी।
- 02उन्होंने अपने बेटे कृष्णा को पढ़ाई के लिए प्रेरित करने का निर्णय लिया।
- 03ज्योति महाकाल मंदिर में सिक्योरिटी सुपरवाइजर के तौर पर काम करती हैं।
- 04उनके पति का निधन 2022 में हुआ था, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई।
- 05कृष्णा अपनी पढ़ाई के साथ-साथ परिवार की जिम्मेदारियों में मदद कर रहा है।
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उज्जैन की 39 वर्षीय ज्योति परमार ने अपने पति के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उठाते हुए 24 साल बाद 12वीं कक्षा की परीक्षा दी है। ज्योति महाकाल मंदिर में सिक्योरिटी सुपरवाइजर के रूप में काम करती हैं और साथ ही बड़े आयोजनों में बाउंसर की ड्यूटी भी निभाती हैं। उन्होंने अपने बेटे कृष्णा के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उसे पढ़ाई के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से खुद एक बार फिर पढ़ाई शुरू की। 2002 में 10वीं कक्षा पास करने के बाद शादी के कारण उनकी पढ़ाई रुक गई थी, लेकिन अब उन्होंने जीव विज्ञान विषय के साथ 12वीं की परीक्षा दी है। उनकी कहानी हर मां के संघर्ष और साहस को दर्शाती है।
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ज्योति की कहानी प्रेरणा देती है कि कठिनाइयों के बावजूद शिक्षा और परिवार की जिम्मेदारियों को कैसे संभाला जा सकता है।
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