गोरखपुर विश्वविद्यालय में पेड़ों की कटान पर वन विभाग की जांच पूरी
Gorakhpur News: डीडीयू में स्वीकृति से अधिक नहीं काटे गए थे पेड़, पूरी हुई जांच

Image: Amar Ujala
गोरखपुर के दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय में पेड़ों की कटान पर वन विभाग की जांच में पाया गया कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा स्वीकृत संख्या से अधिक पेड़ नहीं काटे गए हैं। कुल 1192 पेड़ों की अनुमति में से केवल 600 पेड़ काटे गए।
- 01दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में 1192 पेड़ों की कटान के लिए अनुमति मिली थी।
- 02जांच में पाया गया कि केवल 600 पेड़ काटे गए हैं, जो स्वीकृत संख्या से कम है।
- 03छात्र नेताओं और पर्यावरण संरक्षण कार्यकर्ताओं ने कटान का विरोध किया था।
- 04वन विभाग ने कटान कार्य पर रोक लगाई और जांच समिति का गठन किया।
- 05रिपोर्ट के अनुसार, विश्वविद्यालय प्रशासन पर आरोप सही नहीं पाए गए हैं।
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गोरखपुर के दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में पेड़ों की कटान को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था, जिसके बाद वन विभाग ने जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच के अनुसार, विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जिन 1192 पेड़ों की कटान के लिए अनुमति मांगी गई थी, उनमें से केवल 600 पेड़ काटे गए हैं। यह कटान नए शैक्षणिक और प्रशासनिक भवनों के निर्माण के लिए आवश्यक बताया गया था। कटान के खिलाफ छात्रों और पर्यावरण संरक्षण कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद वन विभाग ने तत्काल प्रभाव से कटान पर रोक लगा दी और एक जांच समिति का गठन किया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि स्वीकृत संख्या से अधिक पेड़ नहीं काटे गए हैं। विभागीय वनाधिकारी विकास यादव ने बताया कि जांच प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और रिपोर्ट अंतिम रूप में तैयार की जा रही है। रिपोर्ट के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन आगे की कार्रवाई करेगा।
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गोरखपुर विश्वविद्यालय के परिसर में पेड़ों की कटान पर रोक लगने से पर्यावरण संतुलन बना रहेगा।
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