काशी-कोलकाता एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट पर तेजी से काम, 200 किलोमीटर के हिस्से को मिली मंजूरी
काशी-कोलकाता एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट पर काम तेज, 200 किलोमीटर के हिस्से को हरी झंडी, रूट मैप जानिए
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
उत्तर प्रदेश के वाराणसी से पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता को जोड़ने वाले 601 किलोमीटर लंबे काशी-कोलकाता एक्सप्रेसवे पर काम तेज हो गया है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है, जिससे यात्रा का समय 13-14 घंटे से घटकर 6-7 घंटे होने की उम्मीद है।
- 01काशी-कोलकाता एक्सप्रेसवे 601 किलोमीटर लंबा होगा।
- 02यात्रा का समय 13-14 घंटे से घटकर 6-7 घंटे होने की संभावना।
- 03पर्यावरण मंत्रालय से मिली नई मंजूरी से काम में तेजी आएगी।
- 04200 किलोमीटर के हिस्से पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को मिली मंजूरी।
- 05प्रोजेक्ट का कुल खर्च 9250 करोड़ रुपये है।
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काशी-कोलकाता एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट, जो उत्तर प्रदेश के वाराणसी को पश्चिम बंगाल की कोलकाता से जोड़ने के लिए बनाया जा रहा है, पर काम तेज हो गया है। इस एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 601 किलोमीटर होगी और यह उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से होकर गुजरेगा। इस प्रोजेक्ट के तहत यात्रा का समय मौजूदा 13-14 घंटे से घटकर लगभग 6-7 घंटे होने की उम्मीद है। हाल ही में केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय से नई पर्यावरण मंजूरी मिलने के बाद इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम शुरू हो गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को 200 किलोमीटर के हिस्से के निर्माण के लिए मंजूरी मिली है, जिससे प्रोजेक्ट के अन्य हिस्सों पर भी काम में तेजी आने की संभावना है। एक्सप्रेसवे का निर्माण 9250 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। यह एक्सप्रेसवे वाराणसी से चंदौली होते हुए बिहार के कैमूर, झारखंड के चतरा और फिर पश्चिम बंगाल के पुरुलिया से होकर कोलकाता तक पहुंचेगा।
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इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से वाराणसी और कोलकाता के बीच यात्रा का समय कम होगा, जिससे व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
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