जम्मू नगर निगम की डिजिटल पहल से कचरा शुल्क वसूली में होगी पारदर्शिता
डिजिटल क्रांति से चमकेगा जम्मू शहर, कचरा शुल्क वसूली में बढ़ेगी सख्ती, अब यूजर चार्ज सीधा पहुंचेगा सरकारी खजाने में
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जम्मू, भारत में नगर निगम ने कचरा शुल्क वसूली को पूरी तरह डिजिटल करने का निर्णय लिया है। यह कदम पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए उठाया गया है। अब यूजर चार्ज सीधे सरकारी खजाने में पहुंचेगा, जिससे राजस्व में वृद्धि की उम्मीद है।
- 01जम्मू नगर निगम ने कचरा शुल्क वसूली को डिजिटल बनाने का निर्णय लिया है।
- 02यूजर चार्ज का 70 प्रतिशत पहले से ही डिजिटल माध्यम से प्राप्त हो रहा है।
- 03नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
- 04डिजिटल ट्रांजेक्शन से पारदर्शिता में सुधार होगा।
- 05नगर निगम का लक्ष्य राजस्व में ऐतिहासिक वृद्धि करना है।
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जम्मू नगर निगम ने कचरा शुल्क वसूली को पूरी तरह डिजिटल बनाने का निर्णय लिया है, जिसका उद्देश्य स्वच्छता में सुधार और प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। वर्तमान में, निगम को मिलने वाले यूजर चार्ज का लगभग 70 प्रतिशत ही डिजिटल माध्यम से प्राप्त हो रहा है। इस पहल के तहत, वार्ड के सेनिटरी इंस्पेक्टरों और अन्य कर्मचारियों पर सीधे जिम्मेदारी डाली जाएगी। यदि 100 प्रतिशत भुगतान डिजिटल हो जाता है, तो निगम को सालाना लगभग 11 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा। क्यूआर कोड और पीओएस मशीनों के माध्यम से भुगतान स्वीकार किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता में सुधार होगा और धोखाधड़ी की संभावना कम होगी। नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे डिजिटल माध्यमों को प्राथमिकता दें ताकि जम्मू को एक आधुनिक और स्वच्छ शहर बनाया जा सके।
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इस पहल से स्थानीय नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी और स्वच्छता में सुधार होगा।
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