हरियाणा विधानसभा का विशेष सत्र: हुड्डा ने सरकार को चुनौती दी
Haryana: भाजपा ने छह साल में तीन विशेष सत्र बुलाए, हुड्डा बोले-विधानसभा सत्र में सरकार को बेनकाब करेंगे
Amar Ujala
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हरियाणा सरकार ने 27 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है, जो पिछले छह वर्षों में तीसरा है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि कांग्रेस सरकार को बेनकाब करेगी और महिला आरक्षण बिल पर केंद्र की नीयत पर सवाल उठाए हैं।
- 01हरियाणा सरकार ने 27 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है।
- 02पिछले छह वर्षों में सरकार ने तीन विशेष सत्र आयोजित किए हैं।
- 03भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार को चुनौती दी है कि कांग्रेस हर मुद्दे का जवाब देगी।
- 04महिला आरक्षण बिल को लेकर हुड्डा ने केंद्र की नीयत पर सवाल उठाए हैं।
- 05विशेष सत्र में विश्वास मत और संविधान संशोधन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई है।
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हरियाणा सरकार ने 27 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का निर्णय लिया है, जो पिछले छह वर्षों में तीसरा विशेष सत्र है। इससे पहले, 20 जनवरी 2020 को एक विशेष सत्र में संविधान संशोधन (126वें) बिल को पारित किया गया था, जिससे अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण को अगले 10 वर्षों तक बढ़ा दिया गया। इसके अलावा, 5 अप्रैल 2022 को चंडीगढ़ पर हरियाणा के अधिकार के लिए संकल्प प्रस्ताव पारित किया गया था। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि कांग्रेस सरकार को बेनकाब करेगी और हर मुद्दे का मुंह तोड़ जवाब देगी। उन्होंने महिला आरक्षण बिल पर केंद्र सरकार की नीयत को भी संदेहास्पद बताया।
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विशेष सत्र में चर्चा होने वाले मुद्दों का सीधा प्रभाव हरियाणा की राजनीति और समाज पर पड़ेगा।
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