कांगड़ा घाटी रेलवे संघर्ष समिति ने ट्रेनों की बहाली के लिए चेताया आंदोलन
एक माह में ट्रेन नहीं चली तो होगा आंदोलन : समिति
Amar Ujala
Image: Amar Ujala
कांगड़ा घाटी रेलवे संघर्ष समिति ने पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेल मार्ग पर ट्रेनों की बहाली में हो रही देरी के खिलाफ सरकार को चेतावनी दी है। समिति ने कहा है कि यदि एक महीने में ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।
- 01कांगड़ा घाटी रेलवे संघर्ष समिति ने ट्रेनों की बहाली की मांग की।
- 02समिति ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
- 03यदि एक महीने में ट्रेनों का संचालन नहीं हुआ, तो आंदोलन की चेतावनी दी।
- 04रेल सेवा के ठप होने से पर्यटन कारोबार प्रभावित हो रहा है।
- 05समिति ने रेल राज्य मंत्री के मौन पर नाराजगी जताई।
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धर्मशाला में कांगड़ा घाटी रेलवे संघर्ष समिति ने पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेल मार्ग पर ट्रेनों की बहाली में हो रही देरी को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला है। समिति के अध्यक्ष पीसी विश्वकर्मा और अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि यदि अगले एक महीने में ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं हुआ, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे। पिछले चार वर्षों से यह रेल सेवा ठप है, जिससे कांगड़ा की अर्थव्यवस्था और पर्यटन कारोबार पर बुरा असर पड़ा है। समिति ने कहा कि सरकार केवल ब्रॉडगेज लाइन के वादे कर रही है, जबकि मौजूदा नैरोगेज को सुचारू रखने में असफल है। उन्होंने रेल राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू पर भी नाराजगी जताई, जो इस समस्या पर चुप हैं। समिति ने उपायुक्त को ट्रेनों की बहाली के लिए मांग पत्र सौंपा है।
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यदि ट्रेनों का संचालन नहीं शुरू होता है, तो स्थानीय पर्यटन और अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
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