पुंछ में छात्रों को तीसरी भाषा चुनने का अधिकार देने की मांग
Jammu News: पुंछ में छात्रों को तीसरी भाषा चुनने की दी जाए स्वतंत्रता
Amar Ujala
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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने पुंछ, जम्मू और कश्मीर में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 को लागू करने की मांग की है। परिषद ने छात्रों को अपनी इच्छा से तीसरी भाषा चुनने का विकल्प देने की मांग की है, अन्यथा आंदोलन की चेतावनी दी है।
- 01एबीवीपी ने पुंछ में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने की मांग की।
- 02छात्रों को उनकी इच्छा से तीसरी भाषा चुनने का विकल्प देने की आवश्यकता है।
- 03उर्दू को दूसरी भाषा के रूप में थोपने का आरोप लगाया गया।
- 04यदि मांग पूरी नहीं हुई, तो एबीवीपी आंदोलन करेगी।
- 05डीसी पुंछ को ज्ञापन सौंपा गया है।
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पुंछ जिले में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 को पूरी तरह से लागू करने की मांग की है। परिषद के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि छात्रों को त्रिभाषा का विकल्प नहीं दिया जा रहा है और सभी सरकारी तथा निजी स्कूलों में उर्दू को दूसरी भाषा के रूप में थोपने का प्रयास किया जा रहा है। छात्रों को संस्कृत, पंजाबी, डोगरी और पहाड़ी जैसी भाषाएँ पढ़ने का विकल्प नहीं दिया जा रहा है। एबीवीपी ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें तीन दिन के भीतर नहीं मानी गईं, तो वे आंदोलन करेंगे। इसके अलावा, उन्होंने जिला कलेक्टर को भी ज्ञापन सौंपा है।
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यदि छात्रों को अपनी इच्छानुसार भाषाएँ चुनने का अधिकार नहीं मिलता है, तो इससे उनकी शिक्षा और भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
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