बिहार में शिक्षकों के लिए अनिवार्य क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम
बिहार में टीचरों के कैपेसिटी बिल्डिंग ट्रेनिंग अनिवार्य, अब्सेंट होने पर कटेगा वेतन और होगी कार्रवाई
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बिहार में शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के लिए पांच दिवसीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया है। अनुपस्थिति पर वेतन कटौती और अनुशासनिक कार्रवाई का प्रावधान है। इस वर्ष 3.5 लाख शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि बाकी अगले वर्ष शामिल होंगे।
- 01शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया है।
- 02अनुपस्थिति पर वेतन में कटौती होगी।
- 03इस वर्ष 3.5 लाख शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- 04प्रशिक्षण जिला स्तर पर आयोजित किया जाएगा।
- 05नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार यह कदम उठाया गया है।
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बिहार के शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के लिए पांच दिवसीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम को अनिवार्य कर दिया है। इस प्रशिक्षण में भाग नहीं लेने वाले शिक्षकों का वेतन काटा जाएगा और उन पर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रशिक्षण के दौरान यह सुनिश्चित किया जाए कि विद्यालय में शिक्षण कार्य प्रभावित न हो। इस वर्ष 3.5 लाख शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि बाकी शिक्षकों को अगले वर्ष शामिल किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) द्वारा तैयार किए गए मॉड्यूल के तहत जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के माध्यम से आयोजित किया जाएगा। इसमें विषय विशेषज्ञ और प्रशिक्षकों की एक विशेषज्ञ टीम शामिल होगी।
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इस निर्णय से शिक्षकों की क्षमता में वृद्धि होगी, जिससे छात्रों को बेहतर शिक्षा मिलेगी।
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