नेहा ने लिवर डोनेट कर भाई को दी नई जिंदगी, पेश की प्रेरणादायक मिसाल
बहन ने बीमार भाई को दी नई जिंदगी, 47 साल की नेहा ने लिवर डोनेट कर पेश की मिसाल, ट्रांसप्लांट ही था अंतिम विकल्प
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले की 47 वर्षीय नेहा मनीष अग्रवाल ने अपने 55 वर्षीय भाई सुशील कुमार मांगीलाल अग्रवाल को नया जीवन देने के लिए अपने लिवर का हिस्सा दान किया। यह लिवर ट्रांसप्लांट हरियाणा के गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में सफलतापूर्वक किया गया, जो कि उनके भाई के लिए जीवन रक्षक साबित हुआ।
- 01नेहा ने अपने भाई को जीवनदान देने के लिए लिवर का हिस्सा दान किया।
- 02ट्रांसप्लांट हरियाणा के मेदांता अस्पताल में किया गया।
- 03सर्जरी में लगभग 12 घंटे का समय लगा।
- 04लिवर ट्रांसप्लांट तब किया जाता है जब लिवर गंभीर बीमारी के कारण काम करना बंद कर देता है।
- 05इस निर्णय ने भाई-बहन के रिश्ते को नई ऊंचाई दी है।
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मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के सेंधवा शहर से एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जहां 47 वर्षीय नेहा मनीष अग्रवाल ने अपने 55 वर्षीय भाई सुशील कुमार मांगीलाल अग्रवाल को नया जीवन देने के लिए अपने लिवर का हिस्सा दान किया। यह लिवर ट्रांसप्लांट 18 अप्रैल 2026 को हरियाणा के गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में किया गया। इस जटिल सर्जरी में लगभग 12 घंटे का समय लगा, जिसमें डोनर सर्जरी लगभग 7 घंटे तक चली। देश के प्रसिद्ध लिवर विशेषज्ञ डॉ. अरविंदर सिंह सोइन के नेतृत्व में यह प्रक्रिया अत्याधुनिक रोबोटिक तकनीक का उपयोग करते हुए की गई। सुशील कुमार, जो इंदौर के शिव मोती नगर में रहते हैं, का लिवर खराब होने के कारण यह ट्रांसप्लांट जीवन रक्षक साबित हुआ। लिवर ट्रांसप्लांट तब किया जाता है जब किसी व्यक्ति का लिवर गंभीर बीमारी के कारण काम करना बंद कर देता है। नेहा का यह साहसिक कदम न केवल उनके भाई के लिए जीवनदान साबित हुआ, बल्कि यह समाज को यह संदेश भी देता है कि सच्चे रिश्ते वही होते हैं जो मुश्किल समय में मजबूती से साथ खड़े रहते हैं।
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यह कहानी भाई-बहन के रिश्ते की मजबूती को दर्शाती है और समाज में अंग दान के प्रति जागरूकता बढ़ाती है।
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