JEE Main 2026: जानिए टाई-ब्रेकिंग नियम और रैंकिंग प्रक्रिया
JEE Main 2026: क्या है जेईई मेन का टाई-ब्रेकिंग रूल? जानिए एक जैसा NTA स्कोर होने पर कैसे तय होती है आपकी रैंक
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
JEE Main 2026 में टाई-ब्रेकिंग नियम महत्वपूर्ण है, खासकर जब दो छात्रों का NTA स्कोर समान हो। रैंकिंग प्रक्रिया में गणित, भौतिकी और रसायन विज्ञान के स्कोर का उपयोग किया जाता है। नए नियमों के अनुसार, उम्र अब रैंकिंग में कोई भूमिका नहीं निभाएगी।
- 01NTA स्कोर समान होने पर गणित, भौतिकी और रसायन विज्ञान के स्कोर का उपयोग किया जाएगा।
- 02कम गलत उत्तर देने वाले छात्रों को बेहतर रैंक मिलेगी।
- 032026 से उम्र को टाई-ब्रेकिंग में शामिल नहीं किया जाएगा।
- 04सभी चरणों के बाद भी टाई रहने पर छात्रों को एक ही रैंक मिलेगी।
- 05NTA स्कोर 7 दशमलव तक कैलकुलेट किया जाता है, जिससे टाई-ब्रेकिंग की संभावना कम होती है।
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JEE Main 2026 में टाई-ब्रेकिंग नियम महत्वपूर्ण हैं, खासकर जब दो या अधिक छात्रों का NTA स्कोर समान होता है। पहले चरण में गणित के स्कोर की तुलना की जाती है, इसके बाद भौतिकी और फिर रसायन विज्ञान के स्कोर का उपयोग किया जाता है। यदि सभी विषयों में स्कोर समान है, तो कम गलत उत्तर देने वाले छात्रों को बेहतर रैंक मिलेगी। इसके अलावा, अगर टाई फिर भी बनी रहती है, तो सही और गलत उत्तरों का अनुपात देखा जाएगा। 2026 से, उम्र को टाई-ब्रेकिंग में शामिल नहीं किया जाएगा, जिससे रैंकिंग केवल मेरिट और सटीकता पर आधारित होगी। NTA स्कोर को 7 दशमलव तक कैलकुलेट किया जाता है, जिससे टाई-ब्रेकिंग की संभावना कम होती है।
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ये नियम छात्रों को उनकी मेरिट और सटीकता के आधार पर रैंकिंग में मदद करेंगे, जिससे बेहतर चयन प्रक्रिया सुनिश्चित होगी।
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