बस्ती में सरकारी स्कूल में बेटियों के दाखिले पर रोक, पिता ने टॉयलेट सीट लेकर किया विरोध
टॉयलेट सीट लेकर बेटी का नाम लिखाने स्कूल पहुंचा पिता?
Aaj Tak
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उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के झिनकू लाल त्रिवेणी राम चौधरी इंटर कॉलेज में पिछले 67 वर्षों से बेटियों के दाखिले पर रोक है। प्रबंधन का कहना है कि महिला शौचालय की कमी के कारण ऐसा हो रहा है, जबकि आरोप है कि प्रबंधक अपनी निजी स्कूल को बढ़ावा दे रहे हैं।
- 01बस्ती जिले के सरकारी स्कूल में बेटियों के दाखिले पर 67 वर्षों से रोक है।
- 02प्रबंधक का कहना है कि महिला शौचालय नहीं होने के कारण दाखिला नहीं हो रहा।
- 03स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रबंधक निजी स्कूल को बढ़ावा देने के लिए ऐसा कर रहे हैं।
- 04एक पिता ने अपनी बेटी के दाखिले के लिए टॉयलेट सीट लेकर स्कूल पहुंचा।
- 05डीआईओएस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
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उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के झिनकू लाल त्रिवेणी राम चौधरी इंटर कॉलेज में पिछले 67 वर्षों से बेटियों के दाखिले पर रोक लगी हुई है। प्रबंधन का कहना है कि स्कूल में महिला शौचालय नहीं होने के कारण लड़कियों का दाखिला नहीं हो रहा है। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रबंधक अपने निजी स्कूल को बढ़ावा देने के लिए ऐसा कर रहे हैं। एक पिता ने अपनी बेटी का दाखिला कराने के लिए साइकिल पर टॉयलेट सीट बांधकर स्कूल पहुंचा, लेकिन स्कूल के अधिकारियों ने उनकी गुहार नहीं सुनी। इस मामले में डीआईओएस बस्ती, संजय सिंह ने कहा कि उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया है और स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी किया है। यदि भेदभाव की पुष्टि होती है, तो प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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बेटियों को शिक्षा से वंचित रखने का यह मामला उनके अधिकारों का उल्लंघन है।
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