AI इन्फ्लुएंसर 'एमिली हार्ट' का खुलासा: भारतीय छात्र ने बनाई नकली पहचान
असली नहीं 'AI' वाली हसीना! इंस्टाग्राम पर तहलका मचाने वाली 'एमिली हार्ट' का काला सच आया सामने
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एक भारतीय छात्र ने AI टूल्स का उपयोग कर एक नकली इन्फ्लुएंसर 'एमिली हार्ट' बनाई, जिसने इंस्टाग्राम पर लाखों फॉलोअर्स और डॉलर कमाए। हालांकि, एक जांच ने इस धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि यह सब एक छात्र द्वारा संचालित था।
- 01एक भारतीय छात्र ने AI टूल्स से नकली इन्फ्लुएंसर 'एमिली हार्ट' बनाई।
- 02इस इन्फ्लुएंसर ने इंस्टाग्राम पर लाखों व्यूज और फॉलोअर्स प्राप्त किए।
- 03जांच में पता चला कि 'एमिली' असल में एक छात्र द्वारा संचालित थी।
- 04इंस्टाग्राम और फेसबुक ने धोखाधड़ी के चलते अकाउंट्स को डिलीट कर दिया।
- 05इस घटना ने डिजिटल नैतिकता पर सवाल उठाए हैं।
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एक भारतीय छात्र, जिसे 'सैम' कहा गया है, ने AI टूल्स का इस्तेमाल करके एक नकली इन्फ्लुएंसर 'एमिली हार्ट' बनाई। इस इन्फ्लुएंसर ने इंस्टाग्राम पर 10 मिलियन व्यूज और हजारों फॉलोअर्स प्राप्त किए, जिससे उसने काफी पैसे कमाए। 'एमिली' की तस्वीरें अमेरिकी मुद्दों पर आधारित थीं, जैसे गर्भपात का विरोध और अवैध प्रवासियों का मुद्दा। हालाँकि, 'WIRED' की एक जांच ने इस धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया, जिससे पता चला कि 'एमिली' असल में एक छात्र द्वारा संचालित थी। इंस्टाग्राम और फेसबुक ने इस धोखाधड़ी के चलते अकाउंट्स को डिलीट कर दिया। सैम का कहना है कि उसने किसी को ठगा नहीं, क्योंकि लोग उसकी सामग्री के लिए पैसे दे रहे थे। यह घटना हमें चेतावनी देती है कि इंटरनेट की दुनिया में जो दिखता है, वो हमेशा सच नहीं होता। यह डिजिटल नैतिकता पर भी बड़े सवाल खड़े करता है।
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इस घटना ने डिजिटल पहचान और नैतिकता के मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया है, जिससे उपयोगकर्ताओं को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
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