केदारनाथ में श्रद्धालु की हार्ट अटैक से मौत, शव ले जाने में प्रशासन की देरी पर सवाल
केदारनाथ में हार्ट अटैक से बुजुर्ग श्रद्धालु की मौत, हेलीकॉप्टर के लिए 5 घंटे तक इंतजार
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उत्तराखंड के केदारनाथ में भगवान शिव के दर्शन के लिए आए 69 वर्षीय दिलीप भाई मन्नू माली की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। परिवार को शव को गौरीकुंड तक ले जाने के लिए हेलीकॉप्टर सेवा के इंतजार में 5 घंटे बिताने पड़े, जिससे प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठे हैं।
- 01गुजरात के 69 वर्षीय श्रद्धालु की केदारनाथ में दिल का दौरा पड़ने से मौत हुई।
- 02परिवार को शव ले जाने के लिए हेलीकॉप्टर का इंतजार 5 घंटे करना पड़ा।
- 03स्थानीय प्रशासन ने हेलीकॉप्टर सेवाओं में देरी के आरोपों को खारिज किया।
- 04केदारनाथ में स्वास्थ्य जांच के लिए केवल 424 श्रद्धालुओं की जांच हुई।
- 05परिवार को शव को वडोदरा ले जाने के लिए 53,000 रुपये का खर्च उठाना पड़ा।
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उत्तराखंड के केदारनाथ में भगवान शिव के दर्शन के लिए आए 69 वर्षीय दिलीप भाई मन्नू माली का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। परिवार ने आरोप लगाया कि स्थानीय प्रशासन ने शव को गौरीकुंड तक ले जाने के लिए हेलीकॉप्टर की व्यवस्था में 5 घंटे का समय लिया। दिलीप भाई को केदारनाथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में मृत घोषित किया गया। उनके बेटे हेमंत ने कहा कि जिलाधिकारी से हेलीकॉप्टर की मांग की गई थी, लेकिन दोपहर 1 बजे तक कोई व्यवस्था नहीं हो पाई। प्रशासन ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा सुरक्षा निरीक्षण के कारण हेलीकॉप्टर सेवाएं अस्थायी रूप से रुकी हुई थीं। इस घटना के बाद, परिवार ने शव को वडोदरा ले जाने के लिए 53,000 रुपये की निजी एंबुलेंस बुक की। केदारनाथ में यात्रा के दौरान स्वास्थ्य जांच के लिए केवल 424 श्रद्धालुओं की जांच की गई, जो कुल तीर्थयात्रियों का 1.5% भी नहीं है।
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इस घटना ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य जांच व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
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