उत्तराखंड में प्रीपेड स्मार्ट मीटर प्रणाली का कार्यान्वयन
Uttarakhand: ऊर्जा निगम में अधिकारी-कर्मचारियों के मीटर हुए प्रीपेड; होगी बचत, कमाई भी बढ़ेगी
Amar Ujala
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उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए स्मार्ट मीटर को प्रीपेड में बदल दिया है। इस कदम से बिजली की मांग में कमी आएगी और बकाया वसूली में आसानी होगी। यह प्रणाली 16 लाख घरों में लागू की जाएगी।
- 01यूपीसीएल ने अधिकारियों और कर्मचारियों के मीटर को प्रीपेड किया है।
- 02प्रीपेड मीटर से बकाया वसूली की प्रक्रिया में सुधार होगा।
- 03स्मार्ट मीटरों की कुल संख्या 16 लाख होगी, जिसमें से 3 लाख मीटर पहले ही लगाए जा चुके हैं।
- 04बिजली की कटौती केवल रिचार्ज के आधार पर होगी।
- 05यह प्रणाली सरकारी विभागों के लिए बिजली की मांग को नियंत्रित करेगी।
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उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए स्मार्ट मीटरों को प्रीपेड में बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह निर्णय केंद्रीय सचिव ऊर्जा पंकज अग्रवाल की समीक्षा बैठक के बाद लिया गया था। प्रीपेड मीटरों के माध्यम से, अब विभागों को केवल उतनी ही बिजली मिलेगी जितनी वे रिचार्ज करेंगे, जिससे बकाया वसूली की समस्या का समाधान होगा। यूपीसीएल को राज्य में 16 लाख स्मार्ट मीटर लगाने हैं, जिनमें से लगभग 3 लाख मीटर पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं। इस नई प्रणाली से बिजली की मांग में कमी आएगी और यूपीसीएल की आय में वृद्धि होगी।
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यह प्रणाली सरकारी विभागों को बिजली की मांग को नियंत्रित करने में मदद करेगी और बकाया वसूली की प्रक्रिया को सरल बनाएगी।
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