कृषि में सौर ऊर्जा का नया युग: पीएम-कुसुम 2.0 योजना का आगाज
खेती से डीजल पंपों की होगी विदाई, जल्द लांच की जाएगी पीएम-कुसुम 2.0 योजना
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भारत सरकार जल्द ही पीएम-कुसुम 2.0 योजना लॉन्च करने जा रही है, जिसका उद्देश्य फलों और सब्जियों के उत्पादक किसानों को सौर ऊर्जा के माध्यम से लाभ पहुंचाना है। इस योजना के तहत किसानों को सोलर पैनल लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे वे डीजल पंपों का उपयोग बंद कर सकें और दोहरी आय का लाभ उठा सकें।
- 01पीएम-कुसुम 2.0 योजना से किसानों को सोलर पैनल लगाने का प्रोत्साहन मिलेगा।
- 02इस योजना का लक्ष्य 10,000 मेगावाट बिजली उत्पादन करना है।
- 03किसान फसल बिक्री के साथ-साथ सौर ऊर्जा बेचकर आय बढ़ा सकेंगे।
- 04डिजल पंपों का उपयोग पूरी तरह से बंद करने का लक्ष्य है।
- 05नई योजना का कुल बजट लगभग ₹50,000 करोड़ है।
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भारत सरकार पीएम-कुसुम योजना का नया संस्करण, पीएम-कुसुम 2.0, जल्द ही लॉन्च करने की तैयारी में है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य फलों और सब्जियों के उत्पादक किसानों को सौर ऊर्जा के माध्यम से लाभ पहुंचाना है। योजना के तहत, किसानों को अपने खेतों में सोलर पैनल लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे वे 10,000 मेगावाट बिजली उत्पादन कर सकेंगे। इसके अलावा, यह योजना किसानों को डीजल पंपों का उपयोग बंद करने की अनुमति देगी, जिससे उन्हें मुफ्त या सस्ती बिजली मिलेगी। योजना का कुल बजट लगभग ₹50,000 करोड़ है, जो मौजूदा योजना से 45 प्रतिशत अधिक है। किसानों को सोलर पैनल लगाने से दोहरी आय का अवसर मिलेगा, क्योंकि वे अपनी फसलों के साथ-साथ सौर ऊर्जा बेचकर भी कमाई कर सकेंगे। हालांकि, मौजूदा पीएम-कुसुम योजना की प्रगति मिश्रित रही है, जिसमें पहले चरण में लक्ष्यों से काफी पीछे रहने के कारण सुधार की आवश्यकता महसूस की गई है।
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किसान अब डीजल पंपों के बजाय सौर ऊर्जा का उपयोग कर सकते हैं, जिससे उनकी लागत कम होगी और आय बढ़ेगी।
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