पुणे अस्पताल में नकली बम रखने का मामला: आरोपी की मंशा पैसे वसूलना
पुणे बम मामले में बड़ा खुलासा: अस्पताल में इलाज के पैसे वसूलने के लिए रखा था नकली IED
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पुणे, महाराष्ट्र में एक व्यक्ति ने अस्पताल में इलाज के लिए पैसे की कमी के कारण नकली आईईडी रखी। आरोपी शिवाजी राठौड़ को नागपुर में गिरफ्तार किया गया, जहां वह शालीमार एक्सप्रेस से भागने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
- 01आरोपी शिवाजी राठौड़ ने इलाज के लिए पैसे की कमी के कारण अस्पताल में बम रखने का निर्णय लिया।
- 02राठौड़ की दुकान से आईईडी में इस्तेमाल किए गए टाइमर का खाली डिब्बा बरामद किया गया।
- 03पुणे के ऊषा किरण अस्पताल के शौचालय में विस्फोटक उपकरण बरामद किया गया था।
- 04अधिकारी ने बताया कि राठौड़ 10 मई को अस्पताल गया था, लेकिन इलाज की लागत अधिक होने पर उसने बम लगाने की योजना बनाई।
- 05सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर राठौड़ को नागपुर में गिरफ्तार किया गया।
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पुणे, महाराष्ट्र में एक निजी अस्पताल में एक व्यक्ति द्वारा नकली आईईडी रखने का मामला सामने आया है। आरोपी शिवाजी राठौड़ ने इलाज के लिए पैसे की कमी के चलते अस्पताल में बम रखने की योजना बनाई। 10 मई को जब वह ऊषा किरण अस्पताल गया, तो उसे इलाज की अनुमानित लागत अधिक लगी। इसके बाद, उसने पैसे वसूलने के लिए बम लगाने का निर्णय लिया। राठौड़ को रेलवे सुरक्षा बल की मदद से नागपुर में शालीमार एक्सप्रेस से गिरफ्तार किया गया। पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने बताया कि राठौड़ की दुकान से आईईडी में उपयोग किए गए टाइमर का खाली डिब्बा भी बरामद किया गया। बम निरोधक दस्ते ने अस्पताल के शौचालय में रखे विस्फोटक उपकरण को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया। इस मामले की जांच पुणे पुलिस, अपराध शाखा और आतंकवाद रोधी दस्ते की संयुक्त टीम कर रही है।
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इस घटना से अस्पतालों की सुरक्षा पर सवाल उठते हैं और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
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