बलिया में हत्या मामले में सात दोषियों को मिली उम्रकैद, जुर्माना 1.51 लाख रुपये
UP: हत्या मामले में सात दोषियों को आजीवन कारावास, छह साल पहले हुआ था खूनी संघर्ष; 1.51 लाख का जुर्माना लगाया
Amar Ujala
Image: Amar Ujala
बलिया जिले के टंडवा गांव में 2020 में हुई हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने सात दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उन पर कुल 1.51 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने अन्य छह अभियुक्तों को भी सजा सुनाई है।
- 01जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार झा की अदालत ने सात अभियुक्तों को हत्या और जानलेवा हमले का दोषी ठहराया है।
- 02दोषियों में अजय, आलोक, अभय, उदयपति, मनीष, अमित और सुभाष जायसवाल शामिल हैं।
- 03अगर दोषी जुर्माना नहीं अदा करते हैं, तो उन्हें अतिरिक्त तीन-तीन वर्ष का कारावास भुगतना होगा।
- 04दूसरी ओर, छह अन्य अभियुक्तों को पांच-पांच वर्ष की कठोर सजा सुनाई गई है।
- 05इन अभियुक्तों पर कुल 51 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
Advertisement
In-Article Ad
बलिया जिले के पकड़ी थाना क्षेत्र के टंडवा गांव में वर्ष 2020 में हुए सुरेंद्रनाथ पांडेय की हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने सात अभियुक्तों को हत्या और जानलेवा हमले का दोषी ठहराते हुए उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इन अभियुक्तों में अजय, आलोक, अभय, उदयपति, मनीष, अमित और सुभाष जायसवाल शामिल हैं। इसके साथ ही, अदालत ने इन सभी पर सामूहिक रूप से 1.51 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यदि दोषी जुर्माना अदा नहीं करते हैं, तो उन्हें अतिरिक्त तीन-तीन वर्ष का कारावास भुगतना होगा। अदालत ने इस घटना से जुड़े क्रॉस केस में अन्य छह अभियुक्तों संजय वर्मा, सत्येंद्र पांडे, अभिषेक पांडे, लक्ष्मण वर्मा, अमरजीत वर्मा और अभिषेक वर्मा को भी दोषी पाया और उन्हें पांच-पांच वर्ष की कठोर सजा सुनाई। इन पर कुल 51 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है, और जुर्माना न देने पर उन्हें छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
Advertisement
In-Article Ad
इस फैसले से स्थानीय समुदाय में सुरक्षा की भावना बढ़ेगी और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश जाएगा।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि न्यायालयों को ऐसे मामलों में सख्त सजा देनी चाहिए?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।


-1778886678144.webp&w=1200&q=75)

-1778885330673.webp&w=1200&q=75)