महिलाएं ईंट निर्माण से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं
ईंट निर्माण कार्य से आत्मनिर्भर बन रही हैं समूह की महिलाएं
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कोंडागांव जिले, छत्तीसगढ़ के कुधुर ग्राम पंचायत की महिलाएं ईंट निर्माण कार्य के माध्यम से आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन 'बिहान' के तहत उन्होंने 4 लाख रुपये का ऋण लेकर यह कार्य शुरू किया, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है।
- 01कोंडागांव जिले की महिलाएं ईंट निर्माण से आत्मनिर्भर हो रही हैं।
- 02लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह ने 4 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया।
- 03महिलाओं की आय में वृद्धि और सामाजिक सम्मान में सुधार हुआ है।
- 04यह पहल ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण है।
- 05महिलाओं को प्रशिक्षण और आर्थिक सहयोग दिया गया है।
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कोंडागांव जिले, छत्तीसगढ़ के कुधुर ग्राम पंचायत की महिलाएं अब आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन 'बिहान' के तहत लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने 4 लाख रुपये का ऋण लेकर सीमेंट ईंट निर्माण कार्य शुरू किया है। सीमित संसाधनों के बावजूद, उन्होंने आत्मविश्वास के साथ स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ते हुए मजबूत और गुणवत्तापूर्ण ईंटों का निर्माण किया है। अब उनकी ईंटों की मांग आसपास के गांवों में बढ़ रही है। इस पहल ने न केवल समूह की महिलाओं को नियमित रोजगार दिया है, बल्कि अन्य ग्रामीणों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित किए हैं। महिलाओं की आय में वृद्धि से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है और उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है। यह पहल ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण का एक उत्कृष्ट उदाहरण बन गई है, जो दिखाती है कि महिलाओं को सही अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर वे समाज के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
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महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार से उनके परिवारों की जीवनशैली में भी सकारात्मक बदलाव आया है।
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