भारत में खर्च करने की आदतों में बदलाव: मोबाइल, यात्रा और मनोरंजन पर बढ़ता खर्च
भारत में बदल रही लोगों की खर्च करने की आदत, खाना छोड़ अब मोबाइल, यात्रा और मनोरंजन पर बढ़ रहा खर्च

Image: Business Standard
भारत में खर्च करने की आदतें तेजी से बदल रही हैं, जहां परिवार अब खाने-पीने की चीजों की बजाय मोबाइल, यात्रा और मनोरंजन पर अधिक खर्च कर रहे हैं। कोटक म्युचुअल फंड की रिपोर्ट के अनुसार, शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में यह बदलाव देखा जा रहा है, लेकिन आय में असमानता भी बढ़ रही है।
- 01ग्रामीण भारत में खाने पर खर्च की हिस्सेदारी 1999-2000 के 59% से घटकर 2022-23 में 46% हो गई।
- 02शहरी परिवारों के कुल खर्च में किराए की हिस्सेदारी 4.5% से बढ़कर 6.6% हो गई है।
- 03प्रीमियम मोबाइल फोन की बिक्री में हिस्सेदारी 20% से बढ़कर 26% होने का अनुमान है।
- 04शेयर बाजार में खुदरा निवेशकों को FY25 में 1.05 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
- 05रिपोर्ट के अनुसार, आय में असमानता बढ़ रही है, जहां शहरी अमीर वर्ग की आय 18% की दर से बढ़ रही है।
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भारत में लोगों की खर्च करने की आदतें तेजी से बदल रही हैं, जिसमें वे अब खाने-पीने की चीजों की बजाय मोबाइल, यात्रा और मनोरंजन पर अधिक खर्च कर रहे हैं। कोटक म्युचुअल फंड की रिपोर्ट 'द ग्रेट कंजम्प्शन शिफ्ट' के अनुसार, ग्रामीण भारत में खाने पर खर्च की हिस्सेदारी 1999-2000 के 59% से घटकर 2022-23 में 46% हो गई, जबकि शहरी भारत में यह हिस्सा 48% से घटकर 39% पर आ गया। इसके विपरीत, मोबाइल, यात्रा और मनोरंजन पर खर्च में तेजी से वृद्धि हुई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रीमियम मोबाइल फोन की बिक्री में हिस्सेदारी 20% से बढ़कर 26% होने की संभावना है। हालांकि, आय में असमानता भी बढ़ रही है, जहां शहरी अमीर वर्ग की आय 18% की दर से बढ़ रही है, जबकि मध्यम और आम वर्ग की आय वृद्धि केवल 6% है। इसके अलावा, किराया और ईएमआई का बढ़ता दबाव भी परिवारों पर असर डाल रहा है।
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खर्च करने की आदतों में बदलाव से शहरी परिवारों का बजट प्रभावित हो रहा है, जिससे किराया और मोबाइल बिलों का बोझ बढ़ रहा है।
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