दरभंगा मेडिकल कॉलेज में एंटी रैबीज सीरम की कमी से मरीजों को हो रही परेशानी
दरभंगा के डीएमसीएच में एंटी रैबीज सीरम किल्लत से बढ़ी मरीजों की परेशानी व खर्च
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दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) में एंटी रैबीज सीरम की कमी के कारण मरीजों को बाजार से खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। रोजाना 40 से 50 मरीज कुत्ते और बंदर के काटने से जख्मी होकर आते हैं, लेकिन पिछले छह से सात महीनों से अस्पताल में सीरम की आपूर्ति ठप है।
- 01डीएमसीएच में एंटी रैबीज सीरम की आपूर्ति छह से सात महीने से बंद है।
- 02रोजाना 40 से 50 मरीज कुत्ते और बंदर के काटने से जख्मी होकर आते हैं।
- 03मरीजों को निजी मेडिकल शॉप से ₹3500 में सीरम खरीदना पड़ रहा है।
- 04डीएमसीएच के उपाधीक्षक ने बीएमएसआईसीएल को आपूर्ति के लिए कई पत्र लिखे हैं।
- 05मिथिला स्टूडेंट यूनियन ने सीएम साइंस कॉलेज में समस्याओं के समाधान के लिए 15 सूत्री मांग पत्र सौंपा।
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दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) में एंटी रैबीज सीरम की गंभीर कमी के कारण मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में रोजाना 40 से 50 मरीज कुत्ते और बंदर के काटने से जख्मी होकर आते हैं, लेकिन पिछले छह से सात महीनों से एंटी रैबीज सीरम की आपूर्ति ठप है। इसके चलते मरीजों को बाजार से ₹3500 में सीरम खरीदना पड़ रहा है। डीएमसीएच के उपाधीक्षक डा. अमित कुमार ने बताया कि उन्होंने बीएमएसआईसीएल को सीरम की आपूर्ति के लिए कई पत्र लिखे हैं और दोबारा पत्र भेजने की योजना है। इस समस्या के अलावा, मिथिला स्टूडेंट यूनियन ने सीएम साइंस कॉलेज में विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए 15 सूत्री मांग पत्र सौंपा है, जिसमें छात्र संघ चुनाव कराने, सीसीटीवी कैमरा लगाने, और महिला सुरक्षा के लिए गार्ड की नियुक्ति जैसी मांगें शामिल हैं।
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इस स्थिति के कारण गरीब मरीजों को अतिरिक्त वित्तीय बोझ उठाना पड़ रहा है, जो उनकी चिकित्सा देखभाल को प्रभावित कर रहा है।
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