उत्तर प्रदेश में प्रधानों को प्रशासक बनाने का निर्णय, पंचायत चुनाव तक प्रभावी
यूपी में प्रधान ही बनेंगे प्रशासक, पंचायत चुनाव तक रहेंगे प्रभावी; सीएम योगी आदित्यनाथ ने दी हरी झंडी
Image: Nbt Navbharattimes
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी ग्राम पंचायतों के प्रधानों को प्रशासक के रूप में नियुक्त करने का निर्णय लिया है। यह कदम पंचायत चुनावों में देरी के कारण उठाया गया है, जिससे विकास योजनाओं में रुकावट न आए। यह व्यवस्था 26 मई से प्रभावी होगी।
- 01मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 57,694 ग्राम पंचायतों के प्रधानों को प्रशासक के रूप में नियुक्त करने की मंजूरी दी है।
- 02यह निर्णय पंचायत चुनावों में देरी के कारण लिया गया है, जिससे विकास योजनाओं पर असर न पड़े।
- 03सरकार ने पहले एडीओ पंचायत को प्रशासक नियुक्त करने की परंपरा को बदलते हुए प्रधानों को यह जिम्मेदारी दी है।
- 04पंचायतों में विकास योजनाओं की गति बनाए रखने के लिए यह निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
- 05यह व्यवस्था अन्य राज्यों में भी लागू की गई है, जैसे राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड।
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उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी ग्राम पंचायतों के प्रधानों को प्रशासक के रूप में नियुक्त करने का निर्णय लिया है। यह कदम पंचायत चुनावों में देरी के कारण उठाया गया है, जिससे विकास योजनाओं में रुकावट न आए। 26 मई से प्रभावी होने वाली इस व्यवस्था के तहत, 57,694 पंचायतों के प्रधान अब प्रशासक की भूमिका में कार्य करेंगे। पहले एडीओ पंचायत को प्रशासक नियुक्त करने की परंपरा थी, लेकिन सरकार ने प्रधानों को यह जिम्मेदारी देने का फैसला किया है ताकि विकास योजनाओं की गति बनी रहे। इस निर्णय के पीछे राष्ट्रीय पंचायत राज्य ग्राम प्रधान संघ की मांग भी थी, जिसमें कहा गया था कि एडीओ पंचायत के प्रशासक बनने से योजनाओं में देरी होती है। यह व्यवस्था अन्य राज्यों में भी सफलतापूर्वक लागू की गई है, जिससे यूपी सरकार भी एक उदाहरण पेश कर रही है।
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ग्राम पंचायतों में विकास योजनाओं की गति बनी रहेगी और प्रधानों को प्रशासक बनाकर सरकार की योजनाओं का प्रचार किया जाएगा।
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