इस्लामाबाद में सुरक्षा घेराबंदी से नागरिकों का जीवन प्रभावित
पाकिस्तानियों को खुद का देश लगने लगा है जेल, इस्लामाबाद वार्ता के बीच बोले लोग- ऐसा लग रहा पिंजरे में जी रहे
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पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति वार्ता के चलते कड़ा सुरक्षा घेरा लगाया गया है, जिससे नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। सड़कें सुनसान हैं, बाजार बंद हैं, और दिहाड़ी मजदूर बेरोजगार हो गए हैं।
- 01इस्लामाबाद में सुरक्षा कारणों से कड़ा लॉकडाउन लागू किया गया है।
- 02सड़कें सुनसान और दुकानें बंद हैं, जिससे आम नागरिकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
- 03दिहाड़ी मजदूरों और छात्रों पर आर्थिक संकट का गहरा असर पड़ा है।
- 04अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता की अनिश्चितता से स्थिति और भी खराब हो गई है।
- 05पाकिस्तान ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है, जिससे रोजमर्रा की जरूरतों में कमी आई है।
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पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति वार्ता के चलते कड़ा सुरक्षा घेरा लगाया गया है, जिससे शहर का माहौल 'पिंजरे' जैसा बन गया है। आम नागरिकों को घरों में कैद रहना पड़ रहा है, जबकि सड़कों पर सेना की गाड़ियां और पुलिस की वर्दी ही नजर आ रही है। इस स्थिति ने रोजी-रोटी पर संकट खड़ा कर दिया है, खासकर दिहाड़ी मजदूरों के लिए। सार्वजनिक परिवहन ठप होने और बाजारों में सन्नाटा पसरा होने से हजारों लोग बेरोजगार हो गए हैं। इसके अलावा, छात्रों और कामकाजी लोगों को अचानक कमरा खाली करने का आदेश दिया गया, जिससे उन्हें दर-दर भटकने पर मजबूर होना पड़ा। ईरान द्वारा 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को बंद किए जाने से पाकिस्तान ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है, जिससे स्थिति और भी बिगड़ गई है।
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इस स्थिति से आम नागरिकों की रोजी-रोटी पर संकट आ गया है, जिससे दिहाड़ी मजदूरों और छात्रों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
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